अमेरिका-इरान जंग के बीच UNGA दौरा: पजेशकियान को मिलेगा डिप्लोमैटिक इम्युनिटी का कवच, US नहीं कर सकता अरेस्ट
अमेरिका और ईरान के बीच करीब सात महीने से जारी युद्ध के बीच एक बड़ा कूटनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी प्रशासन ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान और विदेश मंत्री अब्बास अराघची को अगले सप्ताह न्यूयॉर्क में होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा यानी UNGA की हाई-लेवल बैठक में शामिल होने के लिए वीजा देने की मंजूरी दे दी है।
युद्ध शुरू होने के बाद यह पजशकियान की अमेरिका की पहली यात्रा होगी। अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, ईरान के शीर्ष अधिकारियों का एक सीमित प्रतिनिधिमंडल UNGA में हिस्सा ले सकेगा। हालांकि, इस प्रतिनिधिमंडल पर न्यूयॉर्क में आवाजाही और खरीदारी को लेकर कई पाबंदियां लागू रहेंगी।
क्या अमेरिका में गिरफ्तार हो सकते हैं पजशकियान?
ईरानी राष्ट्रपति को वीजा दिए जाने के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या अमेरिका में उनके खिलाफ गिरफ्तारी जैसी कोई कार्रवाई हो सकती है।
यह मामला सामान्य पर्यटक यात्रा से अलग है। संयुक्त राष्ट्र का मुख्यालय न्यूयॉर्क में है और अमेरिका मेजबान देश के तौर पर UN से जुड़े समझौतों के तहत विदेशी प्रतिनिधियों को आधिकारिक बैठकों में शामिल होने की सुविधा देता है।
1947 के UN Headquarters Agreement के तहत अमेरिका को UN के आधिकारिक काम में हिस्सा लेने वाले प्रतिनिधियों की आवाजाही में सामान्य तौर पर बाधा नहीं डालनी होती। इसी व्यवस्था के तहत ईरान के मुख्य प्रतिनिधिमंडल को UNGA में शामिल होने की अनुमति दी गई है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि विदेशी राष्ट्राध्यक्ष को अमेरिका में हर तरह की कानूनी कार्रवाई से पूर्ण छूट मिल जाती है। गिरफ्तारी या अन्य कानूनी कार्रवाई का सवाल संबंधित कानून, अधिकार क्षेत्र और परिस्थितियों पर निर्भर करता है।
ईरानी प्रतिनिधिमंडल पर रहेंगी कई पाबंदियां
अमेरिकी प्रशासन ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल का आकार पिछले साल की तुलना में छोटा रखा है। न्यूयॉर्क पहुंचने के बाद अधिकारियों की आवाजाही भी सीमित रहेगी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी अधिकारियों को मुख्य रूप से UN मुख्यालय, ईरान के UN मिशन और कुछ निर्धारित क्षेत्रों के बीच ही आने-जाने की अनुमति होगी। इसके अलावा लग्जरी सामान और कुछ अन्य वस्तुओं की खरीद पर भी प्रतिबंध रहेगा।
क्या UNGA के दौरान अमेरिका-ईरान बातचीत होगी?
UNGA के दौरान दुनिया की नजर इस बात पर भी रहेगी कि क्या अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के बीच कोई सीधी या अप्रत्यक्ष बातचीत होती है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देशों के बीच संघर्ष खत्म करने को लेकर समय-समय पर बातचीत के प्रयास हुए हैं। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच तनाव अभी भी जारी है।
ऐसे में न्यूयॉर्क में दोनों देशों के अधिकारियों की मौजूदगी किसी संभावित कूटनीतिक संपर्क के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकती है, लेकिन अभी किसी नई बातचीत या समझौते की पुष्टि नहीं हुई है।
महमूद अब्बास को लगातार दूसरे साल US वीजा नहीं
ईरानी नेताओं को वीजा देने का फैसला ऐसे समय हुआ है, जब अमेरिका ने फिलिस्तीनी प्राधिकरण के राष्ट्रपति महमूद अब्बास और कई अन्य फिलिस्तीनी अधिकारियों को UNGA में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने के लिए वीजा देने से इनकार किया है।
यह लगातार दूसरा साल है जब अब्बास को अमेरिका में UNGA में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने की अनुमति नहीं मिली है। अमेरिकी विदेश विभाग ने इस फैसले के पीछे फिलिस्तीनी नेतृत्व की नीतियों और अंतरराष्ट्रीय कानूनी संस्थाओं में इजराइल से जुड़े मामलों को लेकर अपनी आपत्तियों का हवाला दिया है।
वहीं, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अब्बास को वीडियो लिंक के जरिए संबोधित करने की अनुमति दे दी है। पिछले साल भी उन्होंने इसी तरह UNGA को संबोधित किया था।
UNGA में युद्ध और तेल की कीमतों पर भी नजर
इस बार UNGA ऐसे समय हो रही है जब कई क्षेत्रों में संघर्ष और तनाव जारी है। अमेरिका-ईरान युद्ध के अलावा रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया की स्थिति भी वैश्विक नेताओं के बीच चर्चा का प्रमुख विषय रह सकती है।
अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष का असर ऊर्जा बाजार, तेल की कीमतों और समुद्री व्यापार पर भी पड़ा है। ऐसे में UNGA के दौरान युद्ध के साथ-साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा पर होने वाली चर्चाओं पर भी दुनिया की नजर रहेगी।

