UN General Debate 2026: आज से शुरू होगी दुनिया की बड़ी कूटनीतिक बैठक, ट्रंप और ईरान पर टिकी नजरें
संयुक्त राष्ट्र यानी UN की 81वीं महासभा की हाई-लेवल जनरल डिबेट 22 सितंबर से न्यूयॉर्क में शुरू हो रही है। यह बहस 28 सितंबर तक चलेगी, हालांकि मुख्य भाषण 22 से 26 सितंबर और फिर 28 सितंबर को होंगे। इस दौरान संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों के नेता, मंत्री और वरिष्ठ प्रतिनिधि दुनिया के सामने अपने देशों की प्राथमिकताएं और वैश्विक मुद्दों पर अपना पक्ष रखेंगे।
इस साल की जनरल डिबेट की थीम "Restoring trust, managing transformation: A United Nations that delivers for all" रखी गई है। युद्ध, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, महामारी से निपटने की तैयारी और सतत विकास जैसे मुद्दे इस हाई-लेवल वीक में प्रमुख रहेंगे।
ट्रंप और ईरान पर दुनिया की नजर
इस बार न्यूयॉर्क में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की मौजूदगी खास तौर पर चर्चा में है। दोनों देशों के बीच जारी गंभीर तनाव के बीच UNGA के दौरान किसी संभावित बातचीत या मुलाकात पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर रहेगी। हालांकि, किसी संभावित बैठक को लेकर अंतिम स्थिति अलग-अलग समय पर बदल सकती है।
आखिर क्या होती है UN General Debate?
आसान भाषा में समझें तो यह वह मंच है जहां संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों के नेता और वरिष्ठ प्रतिनिधि दुनिया के सामने अपने देश की प्राथमिकताएं रखते हैं। UN महासभा में सभी 193 सदस्य देशों का एक-एक वोट होता है। हर साल सितंबर में न्यूयॉर्क स्थित UN मुख्यालय में यह हाई-लेवल बैठक आयोजित होती है।
यह आमने-सामने होने वाली बहस नहीं होती। अलग-अलग देशों के प्रतिनिधि महासभा के मंच से भाषण देते हैं। इसी दौरान नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठकें भी होती हैं, जिनमें युद्ध, व्यापार, सुरक्षा, ऊर्जा और कूटनीति जैसे मुद्दों पर चर्चा होती है।
ब्राजील पहले और अमेरिका उसके बाद क्यों बोलता है?
जनरल डिबेट की शुरुआत परंपरागत रूप से ब्राजील के भाषण से होती है और उसके बाद अमेरिका बोलता है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार 1955 से ब्राजील को पहला वक्ता बनने की परंपरा रही है, जबकि अमेरिका मेजबान देश होने के कारण उसके बाद बोलता है।
इसके बाद अन्य देशों के बोलने का क्रम UN द्वारा तय किया जाता है। इस व्यवस्था में अलग-अलग प्रतिनिधियों और पिछले वर्षों के कार्यक्रमों सहित कई व्यावहारिक पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है।
15 मिनट की स्पीच, लेकिन इतिहास में टूट चुका है रिकॉर्ड
UN General Debate में प्रत्येक देश के भाषण के लिए आम तौर पर 15 मिनट का समय निर्धारित किया जाता है। हालांकि, यह समय सीमा व्यवहार में हमेशा सख्ती से लागू नहीं होती। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार इतिहास में कई भाषण इस निर्धारित समय से काफी लंबे रहे हैं।
क्यूबा के नेता फिदेल कास्त्रो ने 1960 में करीब 4 घंटे 29 मिनट लंबा भाषण दिया था, जिसे जनरल डिबेट के सबसे लंबे भाषणों में गिना जाता है।
भारत के लिए अहम हो सकते हैं ये मुद्दे
UN General Debate के दौरान भारत की प्राथमिकताओं में आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग, पश्चिम एशिया में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, विकासशील देशों से जुड़े मुद्दे और UN Security Council में सुधार जैसे विषय महत्वपूर्ण रह सकते हैं।
भारत लंबे समय से UN संस्थाओं में सुधार और सुरक्षा परिषद को अधिक प्रतिनिधित्वपूर्ण बनाने की मांग करता रहा है। इसके अलावा ग्लोबल साउथ से जुड़े देशों की विकास, कर्ज, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा जैसी चिंताएं भी भारत के लिए अहम कूटनीतिक मुद्दे हैं।
भारत की ओर से इस बार विदेश मंत्री एस. जयशंकर 26 सितंबर को UN General Assembly को संबोधित करने वाले हैं।
इस तरह 2026 की UN General Debate अगले कुछ दिनों में वैश्विक कूटनीति का प्रमुख केंद्र बनी रहेगी, जहां दुनिया के कई बड़े देशों के नेता युद्ध, सुरक्षा, विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे मुद्दों पर अपनी प्राथमिकताएं सामने रखेंगे।

