UN Chief: कश्मीर पर सवाल से गुटेरेस ने बनाई दूरी, पाकिस्तान को नहीं मिला मनमाफिक जवाब
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने पाकिस्तान दौरे के दौरान जम्मू-कश्मीर से जुड़े संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों पर पूछे गए सवाल का सीधा जवाब देने से परहेज किया। एक पत्रकार के सवाल पर उन्होंने कहा कि विवादों और समस्याओं का समाधान शांति और बातचीत के जरिए ही तलाशा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र की ओर से उनकी ‘गुड ऑफिसेज’ यानी मध्यस्थता की पेशकश सभी परिस्थितियों में उपलब्ध है।
गुटेरेस का यह बयान पाकिस्तान के तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे के दौरान आया। उनकी यात्रा में पाकिस्तान के राजनीतिक नेतृत्व के साथ बातचीत के अलावा सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर से रावलपिंडी में मुलाकात भी शामिल रही।
कश्मीर के सवाल पर सीधे जवाब से बचे गुटेरेस
पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में गुटेरेस से जम्मू-कश्मीर से जुड़े सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों पर सवाल किया गया। हालांकि, उन्होंने सीधे तौर पर किसी प्रस्ताव या कश्मीर के राजनीतिक पक्ष पर टिप्पणी करने के बजाय बातचीत और शांतिपूर्ण समाधान पर जोर दिया।
उन्होंने साथ ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की आवश्यकता की बात कही। गुटेरेस के अनुसार, मौजूदा परिषद की संरचना आज की वैश्विक वास्तविकताओं को पूरी तरह प्रतिबिंबित नहीं करती और उसकी वैधता तथा प्रभावशीलता से जुड़े सवाल उठते रहे हैं।
असीम मुनीर से रावलपिंडी में मुलाकात
गुटेरेस ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर से रावलपिंडी स्थित जनरल हेडक्वार्टर में मुलाकात की। पाकिस्तान सेना के मुताबिक, बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, आपसी हितों और अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक में जम्मू-कश्मीर, सिंधु जल संधि और अफगानिस्तान से जुड़े सुरक्षा मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ। पाकिस्तान की ओर से संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में अपने योगदान और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किए गए प्रयासों का भी उल्लेख किया गया।
पहलगाम हमले के बाद सिंधु जल संधि पर भारत का रुख
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया था। इस आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी। इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव और बढ़ गया था।
गुटेरेस ने पाकिस्तान और उसकी सेना के संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में योगदान की सराहना की। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान की ओर से किए गए योगदान और बलिदानों का भी उल्लेख किया।
राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से भी मिले
पाकिस्तान पहुंचने के बाद गुटेरेस ने राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से मुलाकात की। इस दौरान उन्हें पाकिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल निशान-ए-इम्तियाज से सम्मानित किया गया।
उन्होंने विदेश मंत्री इशाक डार के साथ भी बातचीत की। इसके अलावा गुटेरेस ने भारत और पाकिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह (UNMOGIP) की गतिविधियों से भी संबंधित जानकारी ली।
IPU में भारत ने पाकिस्तान को दिया जवाब
इसी बीच तंजानिया के अरुशा में इंटर-पार्लियामेंट्री यूनियन (IPU) की 153वीं महासभा में भारत ने जम्मू-कश्मीर पर अपना रुख दोहराया। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने भारत के जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं और आगे भी रहेंगे।

