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UK Pakistan Flag Controversy: ब्रिटेन के कार्डिफ कैसल पर फहराया पाकिस्तान का झंडा, जानें क्या है पूरा विवाद

UK Pakistan Flag Controversy: ब्रिटेन के कार्डिफ कैसल पर फहराया पाकिस्तान का झंडा, जानें क्या है पूरा विवाद

ब्रिटेन के वेल्स में स्थित Cardiff Castle पर पाकिस्तानी झंडा फहराए जाने को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। दक्षिणपंथी पार्टी Reform UK ने ऐतिहासिक किले पर विदेशी देश का झंडा लगाए जाने का विरोध किया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता रॉबर्ट जेनरिक ने सोशल मीडिया पर कार्डिफ कैसल पर पाकिस्तानी झंडा फहराए जाने का वीडियो साझा करते हुए इस पर सवाल उठाए।

रिपोर्ट के मुताबिक, जेनरिक ने कहा कि ब्रिटेन की ऐतिहासिक इमारतों पर दूसरे देशों के झंडे फहराने की परंपरा को बंद किया जाना चाहिए। उनके बयान के बाद इस मुद्दे पर ब्रिटेन की राजनीति में बहस तेज हो गई है।

Cardiff Council ने बताया पाकिस्तानी झंडा लगाने का कारण

विवाद के बीच Cardiff Council ने झंडा फहराने के पीछे की वजह स्पष्ट की। काउंसिल के लेबर नेता क्रिस वीवर के मुताबिक, 14 अगस्त को पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर Cardiff Castle पर पाकिस्तानी झंडा लगाया गया था।

उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य कार्डिफ में रहने वाले पाकिस्तानी समुदाय के योगदान को सम्मान देना था। काउंसिल ने यह भी स्पष्ट किया कि यह किसी एक समुदाय को विशेष दर्जा देने की कोशिश नहीं थी।

क्रिस वीवर के अनुसार, 15 अगस्त को भारत के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कार्डिफ कैसल पर भारतीय झंडा भी फहराया गया था। इसके अलावा 9 अगस्त को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भी पाकिस्तानी झंडा लगाया गया था, जो रातभर वहां मौजूद रहा।

कंजरवेटिव सांसद ने Reform UK के विरोध पर उठाए सवाल

वेल्श कंजरवेटिव सांसद नताशा असगर ने Reform UK की आपत्ति की आलोचना की। उन्होंने बताया कि वह पाकिस्तानी, भारतीय और पोलिश समुदायों की ओर से आयोजित झंडा फहराने वाले कार्यक्रमों में शामिल हो चुकी हैं।

असगर ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों को किसी समुदाय के कब्जे के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, अलग-अलग समुदायों के झंडों को सम्मान देना और उनके योगदान को पहचानना आपसी सम्मान और सांस्कृतिक जुड़ाव का हिस्सा है।

ब्रिटेन की राजनीति में Reform UK का बढ़ता प्रभाव

Cardiff Castle का यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब ब्रिटेन की राजनीति में Reform UK का प्रभाव लगातार चर्चा में है। लंबे समय से ब्रिटेन की राजनीति में लेबर और कंजरवेटिव पार्टियों का दबदबा रहा है, लेकिन नाइजल फराज के नेतृत्व वाली Reform UK अब खुद को एक मजबूत राजनीतिक ताकत के तौर पर पेश कर रही है।

पार्टी का प्रभाव केवल इंग्लैंड तक सीमित नहीं है। वेल्स और स्कॉटलैंड में भी इसके समर्थन में बढ़ोतरी देखी जा रही है। पार्टी के एजेंडे में इमिग्रेशन एक प्रमुख मुद्दा है। नाइजल फराज अक्सर इंग्लिश चैनल पार करके छोटी नावों के जरिए ब्रिटेन पहुंचने वाले प्रवासियों और शरण मांगने वालों का मुद्दा उठाते रहे हैं।

Reform UK का आरोप है कि ब्रिटेन की मुख्य राजनीतिक पार्टियां अवैध प्रवासन को प्रभावी तरीके से रोकने में नाकाम रही हैं। इसके अलावा महंगाई और आम लोगों से जुड़े आर्थिक मुद्दों को भी पार्टी अपनी राजनीति का अहम हिस्सा बना रही है।

Reform UK की मजबूती से कंजरवेटिव पार्टी की चिंता बढ़ी

Reform UK के मजबूत होने का सीधा असर कंजरवेटिव पार्टी पर पड़ रहा है। कंजरवेटिव लंबे समय तक ब्रिटेन की प्रमुख दक्षिणपंथी पार्टी रही है, लेकिन 2024 के आम चुनाव में उसे बड़ा झटका लगा और पार्टी सत्ता से बाहर हो गई।

इसके बाद कंजरवेटिव पार्टी के कई पारंपरिक समर्थकों का झुकाव Reform UK की ओर बढ़ा। 2024 के आम चुनाव में Reform UK को 14.3% वोट मिले थे और पार्टी ने 5 सीटों पर जीत दर्ज की थी।

इसके बाद 2026 के स्थानीय चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन और मजबूत हुआ। इंग्लैंड में Reform UK ने 1,454 काउंसिल सीटें जीतीं और 14 काउंसिलों में बहुमत हासिल किया। वहीं कंजरवेटिव पार्टी को 801 काउंसिल सीटों पर जीत मिली।

इन नतीजों से संकेत मिलता है कि कंजरवेटिव पार्टी के कुछ पारंपरिक मतदाता अब Reform UK की ओर जा रहे हैं। वहीं नाइजल फराज की पार्टी लेबर पार्टी से नाराज मतदाताओं को भी अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है।

Cardiff Castle पर पाकिस्तानी झंडे को लेकर शुरू हुआ विवाद इसी व्यापक राजनीतिक माहौल में देखा जा रहा है, जहां इमिग्रेशन, राष्ट्रीय पहचान और ब्रिटेन में अलग-अलग समुदायों की भूमिका जैसे मुद्दे लगातार राजनीतिक बहस का हिस्सा बने हुए हैं।

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