ट्रम्प की अचानक व्हाइट हाउस वापसी से बढ़ा तनाव, वीडियो में जाने क्या ईरान पर बड़े अमेरिकी हमले की तैयारी?
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव गहराता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अपना वीकेंड गोल्फ कार्यक्रम अचानक रद्द कर व्हाइट हाउस लौटने का फैसला किया, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ नए सैन्य हमलों की तैयारी कर सकता है। हालांकि, अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
अमेरिकी मीडिया संस्थान CBS न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रम्प प्रशासन ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर गंभीर विचार-विमर्श कर रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां और सेना हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। हालांकि अंतिम फैसला अभी नहीं लिया गया है, लेकिन व्हाइट हाउस और रक्षा विभाग के भीतर गतिविधियां तेज हो गई हैं।
सूत्रों के मुताबिक, अमेरिकी प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारियों और सैन्य कमांडरों ने भी अपने छुट्टी और हॉलिडे कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। इसे लेकर माना जा रहा है कि अमेरिका किसी बड़े रणनीतिक कदम की तैयारी में जुटा हुआ है। अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रम्प की अचानक वापसी सामान्य राजनीतिक गतिविधि नहीं मानी जा सकती और इसके पीछे कोई बड़ा सुरक्षा कारण हो सकता है।
दूसरी ओर, ईरान ने भी अमेरिका को कड़ा संदेश दिया है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने दावा किया है कि ईरानी सेना पूरी तरह सतर्क और तैयार है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि दुश्मन कोई “बेवकूफी भरा कदम” उठाता है तो उसका करारा जवाब दिया जाएगा। ईरानी सेना ने अपनी रक्षा तैयारियों को मजबूत करने का भी संकेत दिया है।
मध्य पूर्व में पहले से ही तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। ऐसे समय में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती बयानबाजी ने वैश्विक चिंता को और बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव बढ़ता है तो इसका असर केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और तेल बाजार पर भी पड़ेगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ट्रम्प प्रशासन लंबे समय से ईरान पर दबाव बनाने की नीति अपनाता रहा है। ऐसे में अचानक हुई यह गतिविधियां भविष्य में किसी बड़े घटनाक्रम का संकेत हो सकती हैं। हालांकि, कुछ विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि यह केवल रणनीतिक दबाव बनाने की कोशिश हो सकती है ताकि ईरान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमजोर किया जा सके। फिलहाल दुनिया की नजरें व्हाइट हाउस और तेहरान पर टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच हालात किस दिशा में जाते हैं, यह वैश्विक राजनीति के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है।

