ट्रम्प का बड़ा बयान: ईरान को किसी भी हाल में परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे, वीडियो में देंखे मिडिल ईस्ट को बताया ‘परमाणु खतरे से मुक्त’
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वे किसी भी परिस्थिति में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे, क्योंकि यह पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।फ्लोरिडा में शुक्रवार को आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान ट्रम्प ने कहा कि अगर अमेरिका ने हस्तक्षेप नहीं किया होता, तो ईरान के पास परमाणु हथियार होते और इसका परिणाम बेहद विनाशकारी हो सकता था। उनके अनुसार, ऐसी स्थिति में इजराइल, मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) और यहां तक कि यूरोप भी भारी तबाही का सामना कर सकते थे।
ट्रम्प ने अपने बयान में सख्त शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा, “हम ऐसे लोगों के हाथों में परमाणु हथियार नहीं जाने दे सकते, जिन्हें उन्होंने ‘पागल’ करार दिया।” उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका की कार्रवाई के चलते मध्य पूर्व क्षेत्र को एक बड़े परमाणु खतरे से बचा लिया गया है।पूर्व राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि अमेरिका को ईरान के खिलाफ सैन्य या रणनीतिक कार्रवाई करनी पड़ी, क्योंकि परिस्थितियां लगातार बिगड़ती जा रही थीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कदम क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के हित में जरूरी था।
इसके साथ ही ट्रम्प ने यह भी खुलासा किया कि ईरान ने हाल ही में एक बार फिर शांति या तनाव कम करने से जुड़ा प्रस्ताव भेजा था, जिसे उन्होंने खारिज कर दिया है। यह पहली बार नहीं है जब ऐसा हुआ हो। ट्रम्प के अनुसार, इससे पहले भी ईरान 26 और 27 अप्रैल को इसी तरह के प्रस्ताव भेज चुका है, जिन्हें पहले भी अस्वीकार किया गया था।उन्होंने यह स्पष्ट किया कि अमेरिका किसी भी ऐसे समझौते या प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करेगा जो ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ने की अनुमति देता हो। ट्रम्प का कहना है कि अमेरिका की प्राथमिकता वैश्विक शांति और सुरक्षा बनाए रखना है, और इसके लिए कठोर निर्णय लेने से भी पीछे नहीं हटा जाएगा।
इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ने की संभावना पर चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बयानों से पश्चिम एशिया में पहले से मौजूद तनाव और अधिक बढ़ सकता है।हालांकि, इस मुद्दे पर ईरान की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन दोनों देशों के बीच पहले से चले आ रहे तनावपूर्ण संबंधों को देखते हुए स्थिति और गंभीर हो सकती है। फिलहाल, ट्रम्प के इस बयान ने वैश्विक राजनीति में एक बार फिर परमाणु हथियारों और मध्य पूर्व की सुरक्षा को लेकर नई बहस को जन्म दे दिया है।

