US Peace Plan पर ट्रंप का खुलासा, बोले- नेतन्याहू ने बढ़ा दी थीं मुश्किलें कहा - ‘Very Difficult Guy....'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बेरूत पर हवाई हमला करके अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लगभग पटरी से उतार दिया था। ट्रंप ने कहा कि इस हमले की वजह से समझौते में देरी हुई। नेतन्याहू को "बहुत मुश्किल इंसान" बताते हुए उन्होंने कहा कि अगर ईरान के पास परमाणु हथियार होते, तो इज़राइल दो घंटे भी नहीं टिक पाता।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक अहम दावा किया कि अगर ईरान तय समय सीमा के भीतर अंतिम परमाणु समझौते की शर्तों को पूरा नहीं करता है, तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई का रास्ता अपना सकता है। ट्रंप ने कहा कि ऐसी स्थिति में, अमेरिका "मध्य पूर्व के रक्षक" के तौर पर काम करेगा और बदले में उस क्षेत्र की कुल आय का 20 प्रतिशत हिस्सा लेगा।
**परमाणु समझौते पर चेतावनी**
*द न्यूयॉर्क टाइम्स* को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ अंतिम परमाणु समझौता तय समय सीमा के भीतर पूरा हो जाना चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है, तो अमेरिका फिर से सैन्य हमले शुरू करने पर विचार करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका मध्य पूर्व में सुरक्षा सुनिश्चित करने की ज़िम्मेदारी ले सकता है।
**'आय का 20% हिस्सा लेकर सुरक्षा देने' का दावा**
ट्रंप के मुताबिक, अगर अमेरिका इस क्षेत्र का "रक्षक" बनता है, तो उसे बदले में मध्य पूर्व की आय का 20 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि इस व्यवस्था को कैसे लागू किया जाएगा या इसमें कौन-कौन से देश शामिल होंगे।
**होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अहम बयान**
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ समझौते से भविष्य में होर्मुज़ जलडमरूमध्य "हमेशा के लिए टोल-फ्री" हो जाएगा, जिससे वैश्विक शिपिंग और तेल की आपूर्ति आसान हो जाएगी।
**खाड़ी देशों के समर्थन पर कोई सीधा जवाब नहीं**
जब उनसे पूछा गया कि क्या सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे अमेरिकी सहयोगी इस प्रस्ताव से सहमत हैं, तो ट्रंप ने कोई सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने बस इतना कहा कि इस मामले पर बातचीत अभी शुरुआती दौर में है और ऐसी व्यवस्था तभी संभव होगी जब ईरान अमेरिका का विरोधी बना रहेगा।

