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Trump on Iran War: ईरान पर फिर बड़े हमले करेंगे ट्रंप? अमेरिकी राष्ट्रपति बोले- लेना है बड़ा फैसला
 

Trump on Iran War: ईरान पर फिर बड़े हमले करेंगे ट्रंप? अमेरिकी राष्ट्रपति बोले- लेना है बड़ा फैसला

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान को लेकर एक अहम फैसले के करीब हैं। ट्रंप ने संकेत दिया कि उनके सामने यह विकल्प है कि ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू की जाए या संघर्ष को खत्म करने के लिए किसी दूसरे रास्ते पर आगे बढ़ा जाए।
ट्रंप ने यह बात 'Axios' को दिए इंटरव्यू में कही। उन्होंने कहा कि उनके सामने एक बड़ा फैसला है कि क्या ईरान के खिलाफ फिर से व्यापक सैन्य कार्रवाई की जाए। हालांकि, उन्होंने अभी तक इस संबंध में कोई अंतिम फैसला घोषित नहीं किया है।


Gulf देशों के नेताओं से मुलाकात से पहले आया बयान
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान उनकी सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान के नेताओं से मुलाकात प्रस्तावित है। रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप इन क्षेत्रीय नेताओं से बातचीत कर आगे की रणनीति पर विचार करेंगे।
इससे पहले अगस्त में ट्रंप ने बड़े सैन्य अभियान को आगे बढ़ाने से परहेज किया था। उस समय खाड़ी देशों की ओर से यह चिंता जताई गई थी कि ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई में तेल और गैस से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है। इसके बाद अमेरिका ने सैन्य दबाव के साथ आर्थिक और समुद्री दबाव बनाए रखने पर जोर दिया।


ईरान पर नाकेबंदी को लेकर ट्रंप का दावा
ईरान के खिलाफ अमेरिकी रणनीति में समुद्री नाकेबंदी और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ा मुद्दा भी अहम बना हुआ है। ट्रंप का कहना है कि अमेरिकी दबाव ने ईरान के तेल निर्यात को प्रभावित किया है और तेहरान समझौते की दिशा में बातचीत करना चाहता है। दूसरी ओर, ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष को समाप्त करने के लिए बातचीत और सैन्य दबाव दोनों समानांतर रूप से चल रहे हैं।
Axios की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य क्षमता को साल के अंत तक मौजूदा स्तर पर बनाए रखने की तैयारी की है, ताकि जरूरत पड़ने पर आगे की कार्रवाई की जा सके।
Russia-Iran Sanctions Bill भी बना अहम मुद्दा
इसी बीच अमेरिका में रूस और ईरान से जुड़े प्रतिबंधों को लेकर भी बड़ा विधायी कदम उठाया गया है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने 'Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026' को 262-159 के वोट से मंजूरी दी है। अब यह विधेयक राष्ट्रपति ट्रंप के हस्ताक्षर के लिए भेजा गया है।
इस कानून के तहत रूस के ऊर्जा क्षेत्र और उससे जुड़े नेटवर्क पर अतिरिक्त प्रतिबंधों का प्रावधान है। साथ ही राष्ट्रपति को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले कुछ देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार देने का प्रावधान भी शामिल है। हालांकि, इन शक्तियों का इस्तेमाल कब और किस तरह किया जाएगा, यह अमेरिकी प्रशासन के फैसले पर निर्भर करेगा।
अब आगे क्या होगा?
ट्रंप के ताजा बयान से साफ है कि ईरान को लेकर अमेरिकी नीति में सैन्य विकल्प अभी पूरी तरह बाहर नहीं हुआ है। फिलहाल वॉशिंगटन एक तरफ बातचीत और समझौते की संभावनाओं पर नजर रख रहा है, वहीं दूसरी तरफ सैन्य विकल्प के लिए भी तैयारियां बनाए हुए है। आने वाले दिनों में खाड़ी देशों के साथ ट्रंप की बातचीत और ईरान के साथ कूटनीतिक स्थिति इस संघर्ष की अगली दिशा तय करने में अहम हो सकती है।
 

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