ट्रम्प ने ईरान को 28 लाख करोड़ रुपये देने की खबर को बताया फर्जी, वीडियो में कहा- “डेमोक्रेट्स फैला रहे झूठ”
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को 28 लाख करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने से जुड़ी खबरों को सख्ती से खारिज कर दिया है। उन्होंने इन दावों को पूरी तरह फर्जी बताते हुए इसे विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से फैलाया गया झूठ करार दिया है।
ट्रम्प ने मंगलवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि इस तरह की रिपोर्ट्स का वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अमेरिका की ओर से ईरान को किसी भी प्रकार की भारी आर्थिक सहायता देने का कोई प्रस्ताव नहीं है।दरअसल, हाल ही में न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच कोई समझौता होता है तो अमेरिका की ओर से ईरान को लगभग 28 लाख करोड़ रुपये (करीब 300 अरब डॉलर) का आर्थिक पैकेज दिया जा सकता है। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई थीं और इसे लेकर कई तरह की राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिली थीं।
हालांकि, ट्रम्प ने इन सभी दावों को खारिज करते हुए कहा कि यह पूरी तरह से भ्रामक जानकारी है और इसे राजनीतिक उद्देश्य से फैलाया जा रहा है। उन्होंने दोहराया कि उनकी नीतियों के तहत अमेरिका किसी भी ऐसी योजना में शामिल नहीं है, जिसमें ईरान को बड़े पैमाने पर आर्थिक सहायता दी जाए।इसी बीच, फ्रांस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ट्रम्प ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी से भी मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने एक बार फिर ईरान से जुड़े मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट की। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका फिलहाल ईरान में कोई निवेश नहीं कर रहा है।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिका को भविष्य में जरूरत पड़ने पर ईरान में निवेश करने का अधिकार जरूर होगा, लेकिन वर्तमान समय में ऐसी कोई योजना या निर्णय नहीं लिया गया है।ट्रम्प के इस बयान के बाद ईरान को लेकर चल रही अटकलों पर फिलहाल विराम लग गया है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अमेरिका की ईरान नीति को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयानों का असर वैश्विक कूटनीतिक समीकरणों पर भी पड़ सकता है।

