अमेरिकी जनरल ब्रेट सिल्विया को हटाने की वजह आई सामने, फुटेज में देंखे पत्रकारों को लीक की थी गोपनीय जानकारी; ईरान-यूक्रेन युद्ध से जुड़े खुलासे
अमेरिकी सेना के लेफ्टिनेंट जनरल ब्रेट सिल्विया को पद से हटाए जाने की वजह सामने आ गई है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने उन्हें पत्रकारों को गोपनीय सैन्य जानकारी लीक करने के आरोप में पद से हटाया था। यह मामला रूस-यूक्रेन युद्ध और ईरान युद्ध से जुड़ी संवेदनशील जानकारियों के खुलासे का है। अमेरिकी मीडिया संस्थान एक्सियोस की 29 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन की आंतरिक जांच के दौरान सिल्विया ने पत्रकारों को गोपनीय जानकारी देने की बात स्वीकार की थी।सिल्विया को 28 अक्टूबर को उनके पद से हटा दिया गया था। वह जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के ज्वाइंट स्टाफ में स्ट्रैटेजी, प्लानिंग एंड पॉलिसी के डायरेक्टर के पद पर तैनात थे। यह अमेरिकी सेना के महत्वपूर्ण पदों में से एक है, जहां सैन्य रणनीतियों और नीतियों से जुड़े काम किए जाते हैं।
करीब एक साल तक पत्रकारों के संपर्क में रहे सिल्विया
एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, जून 2025 से लेकर करीब एक साल तक ब्रेट सिल्विया ने दो अलग-अलग मीडिया संस्थानों के पत्रकारों से संपर्क बनाए रखा। इस दौरान उन्होंने उन्हें कई संवेदनशील जानकारियां दीं। हालांकि, दोनों मीडिया संस्थानों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जांच के दौरान सिल्विया ने वीडियो रिकॉर्डिंग में गोपनीय जानकारी साझा करने की बात स्वीकार की। अधिकारियों के मुताबिक, उन्होंने पॉलीग्राफ टेस्ट में भी कई बार असफलता का सामना किया था। हालांकि, इस मामले में अमेरिकी अधिकारियों के बयानों में कुछ अंतर सामने आए हैं और आरोपों को लेकर जांच जारी है।
जांच में सामने आईं चार अहम बातें
1. यूक्रेन को अमेरिकी सैन्य मदद की जानकारी लीक: रिपोर्ट के मुताबिक, सिल्विया ने यूक्रेन को दी जा रही अमेरिकी सैन्य सहायता से जुड़ी संवेदनशील जानकारी एक पत्रकार के साथ साझा की थी। इसके लिए उन्होंने एक गोपनीय रिपोर्ट की समीक्षा के दौरान बनाए गए नोट्स का इस्तेमाल किया था।
2. ईरान से जुड़े मैसेज की जांच: जांच में ईरान से संबंधित एक मैसेज का भी जिक्र सामने आया। सिल्विया ने कथित तौर पर जांचकर्ताओं को बताया कि उन्हें सिग्नल ऐप पर ऐसा संदेश मिला था, जिसका संबंध ईरान से था। बाद में उन्होंने उस मैसेज के साथ पूरी बातचीत डिलीट कर दी थी। अधिकारियों को संदेह है कि संदेश जानबूझकर हटाए गए थे।
3. यूक्रेन युद्ध पर किताब लिख रहे पत्रकार से मुलाकात: रिपोर्ट के मुताबिक, सिल्विया एक ऐसे पत्रकार से दो बार मिले थे, जो रूस-यूक्रेन युद्ध पर किताब लिख रहा था। एक मुलाकात के दौरान उन्होंने यूक्रेन को अमेरिकी सैन्य सहायता से जुड़ी जानकारी साझा की थी।
4. सिग्नल ऐप पर बातचीत और बाहर मुलाकात: सिल्विया ने पत्रकारों के साथ संपर्क बनाए रखने के लिए सिग्नल ऐप का इस्तेमाल किया था। इसके अलावा, उन्होंने पेंटागन के बाहर वर्जीनिया के आर्लिंगटन स्थित एक डाइनर में पत्रकार से मुलाकात भी की थी।
मामला अमेरिकी न्याय विभाग तक पहुंचा
पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने कहा कि विस्तृत जांच के बाद संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा के लिए जरूरी कार्रवाई की गई है। मामले को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए अमेरिकी न्याय विभाग को भी भेजा गया है।हालांकि, सिल्विया के खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर कुछ अधिकारियों ने अलग-अलग दावे किए हैं। ऐसे में मामले की अंतिम स्थिति जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। इस घटनाक्रम ने अमेरिकी रक्षा विभाग में गोपनीय सूचनाओं की सुरक्षा और पत्रकारों के साथ सैन्य अधिकारियों के संपर्क को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

