अमेरिका-ईरान तनाव का असर! पेट्रोल-डीजल सस्ता होने की उम्मीद धुंधली, LPG पर भी मंडराया संकट, क्या बंद होगा होर्मुज़ ?
अमेरिका द्वारा ईरान के 80 ठिकानों पर हमले और ईरान की जवाबी कार्रवाई की धमकियों के बीच, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाला शिपिंग ट्रैफिक बाधित हो गया है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, ऊर्जा की ढुलाई के लिए महत्वपूर्ण इस समुद्री रास्ते पर ट्रैफिक पूरी तरह से ठप हो गया है। रिपोर्टों से पता चलता है कि इस रास्ते से गुजरने वाले दर्जनों बड़े तेल टैंकर और LNG जहाज ओमान की खाड़ी के पास यात्रा करते समय रोक दिए गए हैं।
**होर्मुज में जहाजों का आवागमन रुका**
हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कतरी LNG टैंकर और सऊदी अरब के कच्चे तेल के टैंकर पर मिसाइल हमलों के बाद स्थिति और खराब हो गई। अमेरिका ने इसके लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया और उसके 80 से अधिक तटीय ठिकानों पर हवाई हमले किए। तनाव बढ़ने के बाद, अमेरिकी नौसेना और समुद्री सुरक्षा एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि इस रास्ते से गुजरना जहाजों के लिए जोखिम भरा है।
**शिपिंग रूट पर असर**
समुद्री सुरक्षा एजेंसियों की इन चेतावनियों को देखते हुए, कई जहाज अब अफ्रीका के 'केप ऑफ गुड होप' से होकर जाने वाला रास्ता चुन रहे हैं। इस वैकल्पिक रास्ते से यात्रा के समय में 10-15 दिन की बढ़ोतरी होगी। शिपिंग में इस रुकावट के कारण तेल कंपनियों के लिए समुद्री बीमा दरों में 400% की वृद्धि हुई है, जिससे कच्चे तेल की आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका है।
**भारत पर असर**
भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का लगभग 85% आयात करता है, जिसमें से लगभग 60% आयात होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आता है। यदि सऊदी अरब, ईरान और UAE से तेल और गैस ले जाने वाले टैंकर इस तनाव के कारण रास्ते में ही रोक दिए जाते हैं, तो देश को एक बार फिर ऊर्जा आपूर्ति की कमी का सामना करना पड़ सकता है। यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति की यह स्थिति अगले 10-15 दिनों तक बनी रहती है, तो इसका असर पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ सकता है। साथ ही, गैस आयात की बढ़ती लागत के कारण CNG और PNG की कीमतों पर भी असर पड़ेगा।

