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महायुद्ध का आगाज! नाकेबंदी की आहट से दुनिया में हड़कंप नेतन्याहू बोले— 'किसी भी वक्त टूट सकता है सीजफायर'

महायुद्ध का आगाज! नाकेबंदी की आहट से दुनिया में हड़कंप नेतन्याहू बोले— 'किसी भी वक्त टूट सकता है सीजफायर'

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक गंभीर चेतावनी जारी की है। नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के साथ संघर्ष-विराम बहुत जल्द खत्म हो सकता है। उन्होंने टिप्पणी की कि अगर इजरायल ने सैन्य कार्रवाई नहीं की होती, तो नतान्ज़, फोर्डो और बुशेहर जैसी जगहों को आज ऑशविट्ज़, माजदानेक और सोबिबोर की तरह ही याद किया जाता।

ईरान ने नियमों का उल्लंघन किया
पीएम नेतन्याहू ने जोर देकर कहा कि इजरायल इस समय अपनी शक्ति के शिखर पर है। उन्होंने कहा कि चूंकि ईरान ने स्थापित नियमों का उल्लंघन किया था, इसलिए राष्ट्रपति ट्रंप ने नाकाबंदी और नौसैनिक प्रतिबंध लगाने का फैसला किया—यह एक ऐसा कड़ा रुख है जिसका इजरायल पूरी तरह से समर्थन करता है।


नेतन्याहू और वैंस के बीच बातचीत
इजरायली प्रधानमंत्री ने बताया कि उन्होंने अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वैंस से बात की थी, जिन्होंने अपनी यात्रा से लौटते समय अपने विमान से उन्हें फोन किया था। नेतन्याहू ने कहा, "उन्होंने मुझे बातचीत के दौरान हो रहे घटनाक्रमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने मुझे बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप और संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए, मुख्य उद्देश्य सभी संवर्धित सामग्री को हटाना और यह सुनिश्चित करना है कि आने वाले वर्षों—बल्कि दशकों—तक ईरान के भीतर कोई भी संवर्धन गतिविधि न हो।"

ऑशविट्ज़, माजदानेक और सोबिबोर के बारे में जानें
माजदानेक, सोबिबोर और ऑशविट्ज़ यूरोप में नाज़ियों द्वारा स्थापित किए गए यातना शिविर थे। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान, नाज़ी जर्मनी द्वारा पोलैंड में ये कुख्यात यातना और संहार शिविर स्थापित किए गए थे। इन जगहों पर लाखों यहूदियों और अन्य लोगों की सुनियोजित तरीके से हत्या कर दी गई थी। सोबिबोर को मुख्य रूप से गैस चैंबरों का उपयोग करके बड़े पैमाने पर संहार करने के लिए बनाया गया था, जबकि माजदानेक ने एक श्रम शिविर और एक संहार शिविर दोनों के रूप में काम किया। इजरायली प्रधानमंत्री ने अपनी टिप्पणियों में इन्हीं जगहों का ज़िक्र किया था।

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