Indian Navy के इस एक एक्शन से टाइट हुई पाकिस्तान और चीन की हालत, अरब सागर में उतारे 10 से ज्यादा युद्धपोत
विश्व न्यूज़ डेस्क !!! भारतीय सेना ने 10 से अधिक युद्धपोत लॉन्च किए हैं। इन्हें अरब सागर और अदन की खाड़ी में तैनात किया गया है। सभी युद्धपोत समुद्री कमांडो और आधुनिक हथियारों से लैस हैं। तैनात किए गए जहाजों में आईएनएस कोलकाता, आईएनएस कोच्चि, आईएनएस चेन्नई, आईएनएस मोरमुगाओ, आईएनएस तलवार और आईएनएस तरकश शामिल हैं। इस तैनाती का कारण हौथी विद्रोहियों और समुद्री लुटेरों को बताया जा रहा है। इसलिए भारतीय नौसेना ने समुद्री सुरक्षा अभियान शुरू किया है। है अदन की खाड़ी को इसलिए तैनात किया गया है क्योंकि इसके एक तरफ यमन और दूसरी तरफ सोमालिया है और यह तेल परिवहन के लिए सबसे महत्वपूर्ण मार्ग है। पिछले दिनों सोमालिया के तट से समुद्री डाकुओं ने एक जहाज का अपहरण कर लिया था. इसीलिए भारतीय नौसेना ने इस इलाके में अपने युद्धपोत तैनात कर दिए हैं.
ICYMI: footage from an Indian Navy rescue from pirates, yesterday: pic.twitter.com/nHTo3mDHDa
— Mossad Commentary (@MOSSADil) January 6, 2024
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विमान और ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, समुद्री सुरक्षा के लिए अमेरिका भी ऑपरेशन गार्जियन चला रहा है, लेकिन भारतीय नौसेना का ऑपरेशन इसका हिस्सा नहीं है। भारतीय नौसेना ने अपनी सीमाओं और परिवहन मार्गों की सुरक्षा के लिए युद्धपोत तैनात किए हैं। क्योंकि समुद्र में माल ढोने वाले जहाजों पर हाउती विद्रोहियों और समुद्री डाकुओं के बढ़ते हमलों के कारण माल ढुलाई दरें बढ़ने लगी हैं, जिससे देश में महंगाई बढ़ने लगी है। इससे बचने के लिए भारत सरकार ने नौसेना को सुरक्षा के निर्देश दिए हैं. समुद्र के पश्चिमी तट पर P-8I विमान और MQ-9B सी-गार्जियन ड्रोन द्वारा गश्त की जा रही है, जो समुद्री सीमाओं की लाइव निगरानी कर रहे हैं।
हाल ही में नौसेना ने जहाज को समुद्री लुटेरों से बचाया था
बता दें कि हाल ही में आईएनएस चेन्नई के कमांडो ने पी-8आई विमान के साथ मिलकर अरब सागर से गुजर रहे लाइबेरिया के एक मालवाहक जहाज को हाईजैक होने से बचाया था. वह समुद्री डाकुओं से घिरा हुआ था. इस ऑपरेशन के तहत 15 भारतीयों समेत चालक दल के सभी 21 सदस्यों को बचा लिया गया। इस ऑपरेशन को सफल बनाने में भारतीय नौसेना के मार्कोस कमांडो ने अहम भूमिका निभाई. पहले भी 4 युद्धपोत समुद्र में तैनात होते थे, लेकिन अब तैनात युद्धपोतों में कई तरह की बंदूकें, छोटी और मध्यम दूरी तक मार करने वाली मिसाइलें और जैमर हैं, जिनका इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर किया जा सकता है।

