होर्मुज में जहाजों पर हमले से बढ़ा तनाव, ट्रंप ने दिखाई सख्ती, अमेरिका ने ईरान के बंदर अब्बास को बनाया निशाना
पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर गंभीर मोड़ पर पहुँच गया है। पिछले महीने अमेरिका और ईरान के बीच हुए संघर्ष-विराम (सीज़फायर) पर अब संकट के बादल मंडरा रहे हैं। मंगलवार को अमेरिका ने ईरान के खिलाफ नए सैन्य हमले किए और ईरानी तेल की अंतरराष्ट्रीय बिक्री के लिए दी गई अहम रियायतों को रद्द कर दिया। यह कदम होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तीन कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के बाद उठाया गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान पर संघर्ष-विराम का उल्लंघन करने और क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने का आरोप लगाया है। वहीं, ईरान ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी कार्रवाई को संघर्ष-विराम समझौते का उल्लंघन बताया है।
**ईरानी सैन्य ठिकानों पर अमेरिकी हमले**
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, सेना ने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय निगरानी केंद्रों, मिसाइल सिस्टम और ड्रोन लॉन्च साइटों को निशाना बनाया। ईरानी मीडिया ने सिरिक, केशम द्वीप और बंदर अब्बास में कई धमाकों की पुष्टि की है।
**तेल बिक्री पर मिली छूट रद्द**
अमेरिका ने जून में दी गई उस अनुमति को वापस ले लिया है जिसके तहत ईरान को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पाद बेचने की छूट मिली थी। अब ईरान को 17 जुलाई तक ऐसे सभी लेन-देन बंद करने होंगे। इस फैसले के बाद वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तीन प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है।
**जहाजों पर हमलों के बाद बढ़ा तनाव**
कतर का आरोप है कि उसके LNG टैंकर 'अल रक्कय्या' (Al Raqqayya) समेत तीन कमर्शियल जहाजों पर हमले किए गए। ड्रोन हमले से टैंकर के इंजन रूम में आग लग गई, हालांकि चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं। ओमान के पास सऊदी अरब के एक तेल टैंकर को भी नुकसान पहुँचा। ईरान का दावा है कि उसने कोई हमला नहीं किया है और वह समझौते का पालन कर रहा है।

