होर्मुज में ब्रिटेन-फ्रांस की सैन्य मौजूदगी पर भड़का तेहरान! खुली चेतावनी देते हुए कहा - 'गुस्ताखी की तो...
ईरान ने साफ़ कर दिया है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) विदेशी ताक़तों के लिए अपनी सैन्य ताक़त दिखाने की जगह नहीं है। यह चेतावनी ईरान के उप-विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबबादी ने दी। ईरान इस रणनीतिक जलमार्ग की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी लेता है और वहाँ किसी भी विदेशी सैन्य गतिविधि पर कड़ी नज़र रख रहा है। ग़रीबबादी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म 'X' पर लिखा कि होर्मुज़ की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी क्षेत्रीय देशों की है। उन्होंने कहा कि ईरान किसी भी विदेशी देश के सैन्य जहाज़ों और गतिविधियों पर नज़र रख रहा है और जो देश संकट पैदा करेंगे, उन्हें इसके नतीजे भुगतने होंगे। यह बयान ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर और फ़्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के संयुक्त बयान के जवाब में आया है।
تنگه هرمز میدان نمایش نظامی قدرتهای فرامنطقهای نیست. ایران بهعنوان قدرت مسئول و ضامن امنیت تنگه، نسبت به هر حرکت نظامی در این آبراه حساس هشدار میدهد. امنیت هرمز با دولتهای ساحلی است؛ بحرانسازان مسئول پیامدهای ماجراجویی خود خواهند بود؛ این هشدار جدی است. pic.twitter.com/v9n2GdHnb6
— Gharibabadi (@Gharibabadi) July 4, 2026
تنگه هرمز میدان نمایش نظامی قدرتهای فرامنطقهای نیست. ایران بهعنوان قدرت مسئول و ضامن امنیت تنگه، نسبت به هر حرکت نظامی در این آبراه حساس هشدار میدهد. امنیت هرمز با دولتهای ساحلی است؛ بحرانسازان مسئول پیامدهای ماجراجویی خود خواهند بود؛ این هشدار جدی است. pic.twitter.com/v9n2GdHnb6
— Gharibabadi (@Gharibabadi) July 4, 2026
**ब्रिटेन और फ़्रांस ने क्या कहा?**
एक संयुक्त बयान में, ब्रिटेन और फ़्रांस ने ओमान के साथ मिलकर घोषणा की कि वे होर्मुज़ जलडमरूमध्य से जहाज़ों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए काम करेंगे। उन्होंने ज़ोर दिया कि यह रास्ता वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बहुत ज़रूरी है और संकेत दिया कि ज़रूरत पड़ने पर वे एक बहु-राष्ट्रीय सैन्य मिशन तैनात कर सकते हैं। ओमान अपने क्षेत्रीय जलक्षेत्र में नौवहन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ब्रिटेन और फ़्रांस के साथ सहयोग करने पर सहमत हो गया है।
**ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया**
ईरान ने पहले 2 जुलाई को बहरीन में आयोजित अमेरिका-समर्थित क्षेत्रीय सुरक्षा शिखर सम्मेलन की कड़ी आलोचना की थी। ग़रीबबादी ने ज़ोर देकर कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य ईरान के नियंत्रण में है, न कि CENTCOM के। ईरान फ़ारस की खाड़ी और होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर सुरक्षा ढांचा थोपने की पश्चिमी देशों की कोशिशों को साफ़ तौर पर खारिज करता है।
**होर्मुज़ क्यों महत्वपूर्ण है?**
समुद्र का यह संकरा रास्ता फ़ारस की खाड़ी को खुले समुद्र से जोड़ता है। दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल इसी रास्ते से गुज़रता है; इसलिए, इसकी सुरक्षा वैश्विक ध्यान का विषय है। ईरान ने बार-बार कहा है कि इस क्षेत्र की सुरक्षा के बारे में फ़ैसले पड़ोसी देशों को लेने चाहिए, न कि विदेशी ताक़तों को। ईरान ने साफ़ चेतावनी दी है कि किसी भी बाहरी ताक़त को इस क्षेत्र में सैन्य ताक़त दिखाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और सभी देश इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते की सुरक्षा पर कड़ी नज़र रख रहे हैं।

