'व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना गलत...' एस जयशंकर ने अमेरिका को सुनाई खरी-खरी, रुबियो को दिया सख्त संदेश
ओमान के तट के पास एक कमर्शियल जहाज़ पर अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत ने अमेरिका के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फ़ोन पर बात करके भारत की नाराज़गी ज़ाहिर की और कहा कि कमर्शियल जहाज़ों पर इस तरह की जानलेवा सैन्य कार्रवाई किसी भी हाल में सही नहीं है। भारत ने कूटनीतिक स्तर पर भी इस घटना को लेकर कड़ा रुख अपनाया है।
जयशंकर ने फ़ोन कॉल के ज़रिए विरोध दर्ज कराया
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म 'X' पर बताया कि उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात की और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत पर भारत का विरोध दोहराया। उन्होंने कहा कि कमर्शियल जहाज़ों को निशाना बनाना मंज़ूर नहीं है और ऐसी घटनाओं का ग्लोबल समुद्री सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ता है।
अमेरिकी राजदूत को दूसरी बार तलब किया गया
इस घटना के बाद, भारत के विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में अमेरिकी राजदूत जेसन मीक्स को दूसरी बार तलब किया। कमर्शियल जहाज़ों पर हमलों को "बेहद चिंताजनक" बताते हुए, भारत ने अमेरिका के सामने यह मुद्दा ज़ोर-शोर से उठाया और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने की मांग की।
UN और IMO ने भी चिंता जताई
संयुक्त राष्ट्र (UN) और इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइज़ेशन (IMO) समेत कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने इस घटना के बाद अमेरिका की कार्रवाई की आलोचना की है। IMO ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और समुद्री कर्मियों की सुरक्षा का हर हाल में सम्मान किया जाना चाहिए। संगठन के सेक्रेटरी-जनरल आर्सेनियो डोमिंग्वेज़ ने कहा कि समुद्री कर्मियों की जान को खतरे में डालने वाली किसी भी कार्रवाई की कड़ी निंदा की जानी चाहिए।
ओमान तट के पास हमला
कुछ दिन पहले, अमेरिकी नौसेना ने ओमान के तट के पास पलाऊ के झंडे वाले ऑयल टैंकर 'MT सेटेबेलो' के ख़िलाफ़ कार्रवाई की थी। जहाज़ पर कुल 24 भारतीय क्रू मेंबर थे; इनमें से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हुई।
मारे गए तीन भारतीय नाविक
हमले में जान गंवाने वाले भारतीय नाविकों की पहचान डेक कैडेट आदित्य शर्मा, इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया और चीफ इंजीनियर पटनाला सुरेश के तौर पर हुई है। उनके परिवारों और भारत सरकार ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है।
भारत का कड़ा रुख
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारतीय क्रू वाले मर्चेंट जहाज़ों पर इस तरह के हमले तुरंत बंद होने चाहिए। उन्होंने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए बातचीत और कूटनीतिक समाधानों की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।

