शहबाज शरीफ का UNGA में भाषण पड़ा भारी: पूर्व राजनयिक बोले- नारों से छिप नहीं सकती पाकिस्तान की हकीकत
संयुक्त राष्ट्र महासभा यानी UNGA का मंच दुनिया के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों में से एक माना जाता है। यहां दुनिया भर के नेता अपने-अपने देशों का पक्ष रखते हैं और वैश्विक मुद्दों पर अपनी बात रखते हैं। लेकिन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के हालिया भाषण से जुड़ा एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।25 सितंबर 2026 को UNGA के 81वें सत्र में भाषण देते हुए शहबाज शरीफ ने कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर पाकिस्तान का पक्ष रखा। उन्होंने भारत-पाकिस्तान के 2025 के सैन्य संघर्ष का जिक्र किया और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को संघर्ष रोकने में हस्तक्षेप का श्रेय दिया। उन्होंने कश्मीर और सिंधु जल से जुड़े मुद्दे भी उठाए।इसी भाषण के दौरान गैलरी में बैठे कुछ लोगों के बार-बार तालियां बजाने का वीडियो सामने आया है। वीडियो को लेकर पाकिस्तान के पूर्व राजनयिक अब्दुल बासित की टिप्पणी भी सामने आई है।
भाषण के दौरान बार-बार सुनाई दी तालियां
वायरल वीडियो में शहबाज शरीफ के भाषण के दौरान गैलरी में बैठे कुछ लोग तालियां बजाते हुए दिखाई दे रहे हैं।
खास तौर पर जब शहबाज शरीफ ने डोनाल्ड ट्रंप को भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान हस्तक्षेप का श्रेय दिया, तब भी तालियां बजती दिखाई दीं।
इसी वीडियो को लेकर पाकिस्तान के पूर्व राजनयिक अब्दुल बासित ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर गैलरी में अपने लोगों को बैठाया गया था तो कम से कम उन्हें यह भी बता देना चाहिए था कि किस जगह तालियां बजानी हैं और किस जगह नहीं।
अब्दुल बासित ने क्या कहा?
अब्दुल बासित के मुताबिक, प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान गैलरी में मौजूद कुछ लोग बार-बार तालियां बजा रहे थे।
उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर लोगों को वहां बैठाया गया था तो उन्हें पहले यह समझाना चाहिए था कि भाषण के दौरान किस मौके पर तालियां बजानी हैं।
यानी अब्दुल बासित की आपत्ति मुख्य तौर पर तालियां बजाने के समय और तरीके को लेकर थी।
कैमरे में कैद हुआ पूरा मामला
वीडियो में गैलरी की तरफ बैठे कुछ लोगों को तालियां बजाते हुए देखा जा सकता है। इसी दौरान पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार की तरफ से उन्हें इशारा करते हुए तालियां रोकने का संकेत देने की बात भी सामने आई है।
यही हिस्सा अब सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा में है।
हालांकि वायरल वीडियो को देखकर दर्शकों के बीच अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान और उन्हें किस निर्देश के तहत वहां बैठाया गया था, इस बारे में स्वतंत्र रूप से पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं है।
ट्रंप को शहबाज ने दिया था संघर्ष रोकने का श्रेय
शहबाज शरीफ ने अपने UNGA भाषण में 2025 के भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष का जिक्र करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका की तारीफ की।
भारत और पाकिस्तान के बीच हुए उस संघर्ष को लेकर दोनों देशों के बयानों में कई महत्वपूर्ण अंतर रहे हैं। शहबाज शरीफ ने UNGA में ट्रंप के हस्तक्षेप को संघर्ष को आगे बढ़ने से रोकने वाला कदम बताया।
यही वह हिस्सा था जब वीडियो में गैलरी से तालियों की आवाज सुनाई देने की बात सामने आई।
पहले भी तस्वीर को लेकर हुआ था विवाद
पाकिस्तान की आधिकारिक सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर इससे पहले भी तस्वीरों की एडिटिंग पर सवाल उठ चुके हैं।
हालांकि UNGA में सामने आए इस वीडियो का मामला अलग है। यहां चर्चा का केंद्र भाषण के दौरान गैलरी में मौजूद लोगों की प्रतिक्रिया और बार-बार बजती तालियां हैं।
UNGA में पाकिस्तान ने किन मुद्दों को उठाया?
शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में कई अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों का जिक्र किया।
उन्होंने कश्मीर, सिंधु जल, भारत-पाकिस्तान संबंध, फिलिस्तीन, मध्य-पूर्व की स्थिति, आतंकवाद और वैश्विक शांति जैसे मुद्दों पर पाकिस्तान का पक्ष रखा।
सिंधु नदी के पानी को लेकर उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकने या मोड़ने की किसी भी कोशिश को पाकिस्तान युद्ध की कार्रवाई के तौर पर देखेगा।
कश्मीर को लेकर भी उन्होंने पाकिस्तान की पारंपरिक स्थिति दोहराई और दक्षिण एशिया में स्थायी शांति के लिए इस मुद्दे के समाधान की जरूरत बताई।
अब तालियों वाला वीडियो बना चर्चा का केंद्र
शहबाज शरीफ के UNGA भाषण में उठाए गए मुद्दों के अलावा अब उनके भाषण के दौरान गैलरी में बजती तालियों का वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा में है।
पाकिस्तान के पूर्व राजनयिक अब्दुल बासित की टिप्पणी ने इस पूरे मामले को और चर्चा में ला दिया है।
उन्होंने जिस अंदाज में कहा कि ‘कम से कम तालियां बजाने की ट्रेनिंग तो दे देते’, उसके बाद यह बयान भी सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है।
अब सवाल यही है कि UNGA जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भाषण के दौरान गैलरी से आती तालियों को लेकर उठी यह चर्चा आगे कितना जोर पकड़ती है और इस पर पाकिस्तान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है या नहीं।

