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Russia Election 2026: तीन दिन की वोटिंग खत्म, यूनाइटेड रशिया आगे; गड़बड़ी के आरोप भी
 

Russia Election 2026: तीन दिन की वोटिंग खत्म, यूनाइटेड रशिया आगे; गड़बड़ी के आरोप भी

रूस में तीन दिनों तक चला संसदीय चुनाव रविवार को मतदान खत्म होने के साथ संपन्न हो गया। शुरुआती आंकड़ों में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से जुड़ी सत्तारूढ़ पार्टी यूनाइटेड रशिया आगे दिखाई दे रही है। रूस के केंद्रीय चुनाव आयोग के अनुसार, मतदान समाप्त होने तक करीब 56.66 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

यूनाइटेड रशिया को शुरुआती बढ़त
सरकारी वीसीआईओएम के एग्जिट पोल में यूनाइटेड रशिया को 49.4 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान जताया गया है। कम्युनिस्ट पार्टी को 14.2 प्रतिशत और एलडीपीआर को 10.7 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है। हालांकि एग्जिट पोल में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग और कुछ अन्य वोटों को शामिल नहीं किया गया था, इसलिए अंतिम आधिकारिक परिणाम अलग हो सकते हैं।

इस चुनाव में स्टेट ड्यूमा की सभी 450 सीटों के लिए मतदान हुआ। इनमें 225 सीटें पार्टी सूची के आधार पर और बाकी 225 सीटें सिंगल-सीट निर्वाचन क्षेत्रों के जरिए तय होती हैं।
तीन दिन चला मतदान
रूस में मतदान 18 सितंबर से शुरू होकर 20 सितंबर तक चला। करीब 11.1 करोड़ मतदाता इस चुनाव में मतदान के पात्र थे। मतदाताओं को पार्टी सूची और स्थानीय निर्वाचन क्षेत्रों के उम्मीदवारों के लिए अलग-अलग मतदान करना था। ऑनलाइन वोटिंग को भी चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा बनाया गया।
मतदान प्रक्रिया पर उठे सवाल
चुनाव के दौरान याब्लोको और कम्युनिस्ट पार्टी ने कई तरह की अनियमितताओं की शिकायतें कीं। पार्टियों का आरोप है कि उनके कुछ पर्यवेक्षकों को मतदान केंद्रों में प्रवेश नहीं दिया गया। इसके अलावा सीलबंद बैलेट बॉक्स खोले जाने और पेपर बैलेट जारी नहीं किए जाने जैसी शिकायतें भी सामने आईं। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
सेंट पीटर्सबर्ग में याब्लोको के एक पर्यवेक्षक को पुलिस ने हिरासत में लिया था। पार्टी के मुताबिक, इस दौरान वह बेहोश हो गया। वहीं, याब्लोको को इस बार पार्टी-लिस्ट चुनाव में हिस्सा लेने से रोक दिया गया था, हालांकि उसके कुछ उम्मीदवार सिंगल-सीट क्षेत्रों से चुनाव लड़ सके।
मॉस्को की इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग पर साइबर हमले का दावा
रूस की केंद्रीय चुनाव आयोग की प्रमुख एला पामफिलोवा ने मॉस्को की इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग व्यवस्था पर साइबर हमलों की जानकारी दी। उनके अनुसार, चुनावी बुनियादी ढांचे पर बड़ी संख्या में DDoS हमले किए गए, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग सिस्टम काम करता रहा। हमलों के लिए किसी विशेष पक्ष को जिम्मेदार ठहराने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
चुनाव के शुरुआती नतीजों में यूनाइटेड रशिया को बढ़त मिल रही है, जबकि अंतिम आधिकारिक परिणामों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग और सभी निर्वाचन क्षेत्रों की मतगणना शामिल होने के बाद आंकड़ों में बदलाव हो सकता है।
 

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