Samachar Nama
×

वॉशिंगटन में बढ़ा भारतीय ताकतों का कद: मिडटर्म चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी के 6 भारतवंशी प्रत्याशियों ने मारी बाजी

वॉशिंगटन में बढ़ा भारतीय ताकतों का कद: मिडटर्म चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी के 6 भारतवंशी प्रत्याशियों ने मारी बाजी

अमेरिका के 2026 मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी को कई अहम सीटों पर हार का सामना करना पड़ा, वहीं भारतीय मूल के अमेरिकी नेताओं ने अपनी जीत से सबका ध्यान खींचा है। इन चुनावों में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के छह प्रमुख नेताओं ने जीत हासिल की है। इनमें चार मौजूदा सांसदों ने अपनी सीट बचाई, जबकि दो नए चेहरों ने अमेरिकी राजनीति में जगह बनाई है।इन जीतों को अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों की बढ़ती राजनीतिक भागीदारी और प्रभाव के तौर पर देखा जा रहा है। खास बात यह है कि जीत हासिल करने वाले सभी छह प्रमुख नेता डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़े हैं। इनमें अमी बेरा, रो खन्ना, प्रमिला जयपाल, सुहास सुब्रमण्यम, पिया डांडिया और अरुणा मिलर शामिल हैं।

भारतीय मूल के इन 6 नेताओं ने हासिल की जीत

1. अमी बेरा: अमेरिकी संसद में आठवीं बार पहुंचे

अमी बेरा ने कैलिफोर्निया के 3वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से जीत हासिल कर अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में आठवां कार्यकाल सुनिश्चित किया है। वह भारतीय मूल के अनुभवी नेताओं में शामिल हैं और अमेरिका-भारत संबंधों से जुड़े मुद्दों पर भी सक्रिय रहे हैं। उनकी जीत से अमेरिकी कांग्रेस में भारतीय मूल के अनुभवी नेतृत्व की मौजूदगी बनी रहेगी।

2. रो खन्ना: छठी बार जीता चुनाव

कैलिफोर्निया के सिलिकॉन वैली क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले रो खन्ना ने भी अपनी सीट बरकरार रखी। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार रितेश टंडन को हराया। रो खन्ना तकनीक, रोजगार, आर्थिक अवसर और विदेश नीति जैसे मुद्दों पर अपनी सक्रिय भूमिका के लिए जाने जाते हैं।

3. प्रमिला जयपाल: छठी बार मिली जीत

वॉशिंगटन के 7वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से प्रमिला जयपाल ने छठी बार जीत दर्ज की है। वह अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में पहुंचने वाली पहली दक्षिण एशियाई-अमेरिकी महिला हैं। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं, प्रवासी अधिकारों और नागरिक स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर लगातार आवाज उठाई है।

4. सुहास सुब्रमण्यम: दूसरी बार बने सांसद

वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से सुहास सुब्रमण्यम ने दोबारा जीत हासिल की है। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार डेव बेकविथ को हराया। सुहास इससे पहले बराक ओबामा प्रशासन में सलाहकार के रूप में काम कर चुके हैं। 2024 में वह वर्जीनिया से कांग्रेस पहुंचने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी बने थे।

5. पिया डांडिया: पहली बार अमेरिकी कांग्रेस में एंट्री

इस चुनाव में सबसे चर्चित नए चेहरों में पिया डांडिया का नाम शामिल है। उन्होंने फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से रिपब्लिकन उम्मीदवार केसी अस्कर को हराया। पिया पहले शिक्षा के क्षेत्र में काम कर चुकी हैं और स्कूल प्रिंसिपल भी रही हैं। उनकी जीत को भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

6. अरुणा मिलर: मैरीलैंड की लेफ्टिनेंट गवर्नर बनी रहेंगी

भारतीय मूल की अरुणा मिलर ने मैरीलैंड में लेफ्टिनेंट गवर्नर के पद पर दोबारा जीत हासिल की है। उन्होंने गवर्नर वेस मूर के साथ डेमोक्रेटिक टिकट पर चुनाव लड़ा था। हैदराबाद में जन्मी अरुणा मिलर अमेरिका में इंजीनियरिंग के क्षेत्र में काम करने के बाद राजनीति में आई थीं।

डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत से बदला अमेरिकी राजनीति का समीकरण

2026 के मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों में बहुमत हासिल किया है। यह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और रिपब्लिकन पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।चुनाव के दौरान अर्थव्यवस्था, महंगाई, रोजगार, आव्रजन और ट्रम्प प्रशासन की नीतियां प्रमुख मुद्दे रहे। नतीजों के बाद अमेरिकी कांग्रेस में डेमोक्रेट्स की स्थिति मजबूत हुई है। इससे आने वाले समय में ट्रम्प प्रशासन के कई फैसलों पर विपक्ष की चुनौती बढ़ सकती है।

भारतीय मूल के नेताओं की बढ़ती राजनीतिक ताकत

अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों की राजनीतिक भागीदारी पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ी है। अब वे केवल स्थानीय चुनावों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अमेरिकी संसद, राज्य सरकारों और प्रशासन के महत्वपूर्ण पदों तक पहुंच रहे हैं।इस चुनाव में छह भारतीय मूल के नेताओं की जीत ने एक बार फिर साबित किया है कि भारतीय-अमेरिकी समुदाय अमेरिकी राजनीति में प्रभावशाली भूमिका निभा रहा है। इन नेताओं के सामने अब स्वास्थ्य सेवाओं, आव्रजन नीति, रोजगार, तकनीक और अमेरिका की विदेश नीति जैसे कई अहम मुद्दे होंगे।

विवेक रामास्वामी को मिली हार

जहां डेमोक्रेटिक पार्टी के भारतीय मूल के नेताओं ने जीत दर्ज की, वहीं रिपब्लिकन पार्टी से जुड़े भारतीय मूल के नेता विवेक रामास्वामी को ओहायो के गवर्नर चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन ने उन्हें शिकस्त दी।इस तरह 2026 के मिडटर्म चुनाव भारतीय मूल के नेताओं के लिए मिले-जुले नतीजे लेकर आए, लेकिन डेमोक्रेटिक पार्टी के छह प्रमुख नेताओं की जीत ने अमेरिकी राजनीति में भारतवंशियों की मौजूदगी को और मजबूत किया है।

Share this story

Tags