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UN में नेतन्याहू के भाषण के दौरान 75 देशों के प्रतिनिधियों ने किया विरोध, वीडियो में जाने कई बाहर निकले; समर्थकों ने लगाए नारे

UN में नेतन्याहू के भाषण के दौरान 75 देशों के प्रतिनिधियों ने किया विरोध, वीडियो में जाने कई बाहर निकले; समर्थकों ने लगाए नारे

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया। उनके मंच पर पहुंचते ही कई देशों के प्रतिनिधियों ने विरोध जताया। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 75 देशों के प्रतिनिधियों ने हूटिंग की और कुछ प्रतिनिधि विरोध स्वरूप सभागार से बाहर चले गए।इस घटनाक्रम के बाद नेतन्याहू कुछ देर तक मंच पर खड़े रहे। इसके बाद उन्होंने अपना भाषण शुरू किया और विरोध कर रहे प्रतिनिधियों पर तीखी टिप्पणी की।

करीब 3 मिनट तक खड़े रहे नेतन्याहू

प्रतिनिधियों के विरोध और सभागार से बाहर जाने के दौरान नेतन्याहू करीब तीन मिनट तक मंच पर खड़े रहे। इसके बाद उन्होंने कहा कि भाषण शुरू करने से पहले वह कहना चाहते हैं कि अगर यहां कोई और कायर है तो वह बाहर चला जाए।हालांकि, महासभा की गैलरी में नेतन्याहू के समर्थक मौजूद थे। उन्होंने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया और ‘अम यिसराइल चाई’ के नारे लगाए। हिब्रू भाषा के इस वाक्य का अर्थ है- ‘इजराइल की जनता जिंदा है।’

भाषण में गाजा और ईरान का जिक्र

नेतन्याहू ने अपने संबोधन में गाजा में इजराइली सैन्य कार्रवाई के साथ ईरान और लेबनान से जुड़े मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने इजराइल की सुरक्षा और क्षेत्र में चल रहे संघर्ष को लेकर अपने देश का पक्ष रखा।गाजा में इजराइल की सैन्य कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबे समय से विरोध और आलोचना होती रही है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में भी इस मुद्दे पर देशों के बीच मतभेद दिखाई देते रहे हैं।

ट्रंप की तारीफ और अमेरिकी राजनीति का जिक्र

नेतन्याहू ने अपने भाषण में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भी तारीफ की। उन्होंने इजराइल के साथ अमेरिका के संबंधों और दोनों देशों के बीच सहयोग का उल्लेख किया।भाषण के दौरान न्यूयॉर्क और अमेरिकी राजनीति से जुड़े मुद्दों का भी संदर्भ आया। नेतन्याहू का यह संबोधन ऐसे समय हुआ जब गाजा युद्ध और मध्य पूर्व में इजराइली सैन्य कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बहस जारी है।

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