बांग्लादेश में 35 साल बाद राष्ट्रपति चुनाव, वीडियो में जाने BNP उम्मीदवार मिर्जा फखरुल का चुना जाना लगभग तय
बांग्लादेश में 35 साल बाद आज राष्ट्रपति चुनाव होने जा रहा है। राष्ट्रपति पद के लिए मतदान संसद भवन में दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक होगा। इस चुनाव की खास बात यह है कि 1991 के बाद पहली बार बांग्लादेश के सांसद राष्ट्रपति चुनने के लिए मतदान करेंगे। देश में राष्ट्रपति का चुनाव जनता सीधे नहीं करती, बल्कि संसद के सदस्य राष्ट्रपति का निर्वाचन करते हैं। इस चुनाव में सत्तारूढ़ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी BNP के उम्मीदवार मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर का राष्ट्रपति बनना लगभग तय माना जा रहा है। संसद में BNP के पास दो-तिहाई से ज्यादा बहुमत है। ऐसे में पार्टी के उम्मीदवार को राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल करने के लिए पर्याप्त समर्थन प्राप्त है।
BNP के पास 247 सांसद
बांग्लादेश की संसद में कुल 350 सीटें हैं। इनमें से BNP के पास 247 सांसद हैं। वहीं, मुख्य विपक्षी दल जमात-ए-इस्लामी की अगुआई वाले 11 दलों के गठबंधन के पास 81 सांसद हैं।राष्ट्रपति चुनाव में कुल 349 सांसद वोट डालेंगे। चटगांव-4 लोकसभा सीट फिलहाल खाली है। अदालत के आदेश के बाद इस सीट से निर्वाचित उम्मीदवार की सदस्यता रद्द कर दी गई थी। इसी वजह से इस चुनाव में 350 के बजाय 349 सांसद मतदान करेंगे।संसद में संख्याबल के लिहाज से BNP अपने उम्मीदवार को आसानी से राष्ट्रपति पद तक पहुंचाने की स्थिति में है। यही वजह है कि मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर की जीत लगभग तय मानी जा रही है।
विपक्ष ने ओली अहमद को बनाया उम्मीदवार
BNP उम्मीदवार के सामने मुख्य विपक्षी गठबंधन ने कर्नल (रिटायर्ड) ओली अहमद को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है। हालांकि संसद में विपक्ष के पास BNP की तुलना में काफी कम सीटें हैं।11 दलों के विपक्षी गठबंधन के पास कुल 81 सांसद हैं। ऐसे में संख्याबल की कमी के कारण विपक्षी उम्मीदवार के लिए चुनाव जीतना बेहद मुश्किल माना जा रहा है।
राष्ट्रपति का चुनाव जनता नहीं करती
बांग्लादेश की राजनीतिक व्यवस्था में राष्ट्रपति का चुनाव सीधे जनता के वोट से नहीं होता। संसद के सदस्य राष्ट्रपति का चुनाव करते हैं। ऐसे में संसद में किसी पार्टी के पास स्पष्ट बहुमत होने पर उसके उम्मीदवार की जीत की संभावना काफी मजबूत हो जाती है।इस बार BNP के पास 247 सांसद होने के कारण राष्ट्रपति चुनाव का परिणाम काफी हद तक पहले से स्पष्ट माना जा रहा है। मतदान पूरा होने के बाद मतों की गणना की जाएगी और निर्वाचित राष्ट्रपति के नाम की औपचारिक घोषणा की जाएगी।
1991 के बाद पहली बार सांसद करेंगे मतदान
इस चुनाव को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि 1991 के बाद पहली बार बांग्लादेश के सांसद राष्ट्रपति पद के लिए मतदान कर रहे हैं। करीब 35 साल बाद होने जा रहे इस चुनाव पर देश की राजनीति में विशेष नजर है।राष्ट्रपति चुनाव के लिए संसद भवन में मतदान की पूरी प्रक्रिया निर्धारित समय केअनुसार आयोजित की जाएगी। दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक सांसद अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इसके बाद चुनाव प्रक्रिया पूरी होने पर नए राष्ट्रपति के नाम की घोषणा की जाएगी।मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर के सामने विपक्षी उम्मीदवार ओली अहमद की चुनौती है, लेकिन संसद में BNP के मजबूत संख्याबल को देखते हुए सत्ता पक्ष के उम्मीदवार की जीत की संभावना सबसे ज्यादा मानी जा रही है।

