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इजरायल पर 7 अक्टूबर जैसा हमला दोहराने की तैयारी? ईरान ने एक्टिव किया 'रेजिस्टेंस नेटवर्क', कई मोर्चों पर एक साथ वार की चर्चा
 

इजरायल पर 7 अक्टूबर जैसा हमला दोहराने की तैयारी? ईरान ने एक्टिव किया 'रेजिस्टेंस नेटवर्क', कई मोर्चों पर एक साथ वार की चर्चा

ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव के बीच एक ऐसी रिपोर्ट सामने आई है, जिसने पूरे पश्चिम एशिया की चिंता बढ़ा दी है। द जेरूसलम पोस्ट ने खुफिया सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि ईरान इजरायल के खिलाफ एक साथ कई मोर्चों से हमले की रणनीति तैयार कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस अभियान में ईरान से जुड़े कई सहयोगी संगठनों को एक साथ सक्रिय किया जा सकता है।
अगर यह आकलन सही साबित होता है तो इजरायल को गाजा के अलावा लेबनान, यमन और इराक की दिशा से भी खतरे का सामना करना पड़ सकता है।


किन संगठनों को एक साथ लाने की कोशिश?
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान अपने सहयोगी नेटवर्क को फिर से संगठित करने की कोशिश कर रहा है। इसमें हिज़्बुल्लाह, हमास, हूती और इराक में सक्रिय ईरान समर्थित मिलिशिया शामिल बताए जा रहे हैं।
ईरान से जुड़े इस व्यापक नेटवर्क को आमतौर पर 'एक्सिस ऑफ रेसिस्टेंस' कहा जाता है। इसमें अलग-अलग देशों के सरकारी और गैर-सरकारी संगठन शामिल हैं, जिनके साझा विरोधी इजरायल और अमेरिका माने जाते हैं।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि तेहरान इन अलग-अलग गुटों के बीच तालमेल बढ़ाकर इजरायल के खिलाफ एक समन्वित अभियान की क्षमता विकसित करना चाहता है।


7 अक्टूबर 2023 से क्यों की जा रही है तुलना?
7 अक्टूबर 2023 को हमास और अन्य फिलिस्तीनी लड़ाकों ने गाजा से दक्षिणी इजरायल पर बड़ा हमला किया था। हमलावरों ने जमीन, हवा और समुद्र के रास्ते सीमा पार की थी। इस हमले में सैन्य ठिकानों, इजरायली कस्बों और नोवा म्यूजिक फेस्टिवल को निशाना बनाया गया था।
इस हमले में 1,200 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद इजरायल ने गाजा में व्यापक सैन्य अभियान शुरू किया था।
अब सामने आई रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि भविष्य में होने वाला कोई बड़ा हमला सिर्फ एक सीमा या एक संगठन तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि कई दिशाओं से एक साथ दबाव बनाने की कोशिश हो सकती है।


हमास और हिज़्बुल्लाह के बीच बढ़ा तालमेल?
द जेरूसलम पोस्ट ने इजरायली सेना यानी IDF के एक आकलन का हवाला देते हुए कहा है कि हमास और हिज़्बुल्लाह ने हाल के हफ्तों में अपनी गतिविधियों को लेकर समन्वय बढ़ाने की कोशिश की है।
रिपोर्ट के अनुसार, इसमें ईरान की भूमिका भी बताई जा रही है। इजरायल और ईरान के बीच सीधा तनाव बढ़ने के बावजूद तेहरान से जुड़े क्षेत्रीय गुटों की गतिविधियों पर भी इजरायल की नजर बनी हुई है।


गाजा में युद्ध के बाद भी तनाव बरकरार
अक्टूबर 2023 के हमले के बाद इजरायल और हमास के बीच युद्ध शुरू हुआ था। बाद में युद्धविराम की कोशिशें हुईं, लेकिन क्षेत्र में तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ।
इजरायली सेना की गाजा में मौजूदगी और लगातार जारी सैन्य गतिविधियों के कारण स्थिति अब भी बेहद संवेदनशील बनी हुई है। इसी माहौल में ईरान समर्थित गुटों के बीच बढ़ते तालमेल की खबरें इजरायल के लिए नई चुनौती बन सकती हैं।
सिनवार की रणनीति से जुड़ा क्या दावा?
रिपोर्ट में गाजा में जब्त किए गए हमास के कथित आंतरिक दस्तावेजों का भी उल्लेख किया गया है। इनके आधार पर दावा किया गया है कि हमास के तत्कालीन नेता याह्या सिनवार की रणनीति सिर्फ एक सीमित हमले तक रुकने की नहीं थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, सिनवार संघर्ष को व्यापक बनाने और दूसरे मोर्चों को भी इसमें शामिल करने की कोशिश कर रहे थे।
अब ईरान द्वारा अपने सहयोगी गुटों के बीच समन्वय बढ़ाने की कथित कोशिश को इसी व्यापक क्षेत्रीय रणनीति के संदर्भ में देखा जा रहा है।


क्या वाकई दोहराया जा सकता है 7 अक्टूबर जैसा हमला?
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान या उसके सहयोगी संगठन वास्तव में 7 अक्टूबर 2023 जैसी कार्रवाई करने की स्थिति में हैं या नहीं। सामने आई जानकारी मुख्य रूप से खुफिया आकलनों और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है।
हालांकि, अगर कई ईरान समर्थित गुट एक साथ सक्रिय होते हैं तो इजरायल के सामने एक साथ कई दिशाओं से सुरक्षा चुनौती खड़ी हो सकती है। यही वजह है कि पश्चिम एशिया में चल रहे मौजूदा तनाव के बीच इस तरह की रिपोर्ट को बेहद गंभीरता से देखा जा रहा है।
 

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