बेइज्जती पे बेइज्जती! आखिर कैसे अपने ही झूठ के जाल में फंसा पाकिस्तान? जानें क्या हैं पूरा मामला
पाकिस्तान ने एक बार फिर झूठ की अपनी फैक्ट्री में ऐसा प्रोपेगेंडा तैयार किया है, जिसकी पोल पूरी दुनिया में खुल रही है। इमरान खान के जाने के बाद पाकिस्तान की सत्ता भले ही सेना के हाथ में हो, लेकिन उसकी आदतें वही हैं- झूठ बोलना, दुनिया में शोर मचाना और सच सामने आने पर शर्मिंदा होना। इस बार इसका शिकार बने पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर, जिनके बारे में पाकिस्तानी मीडिया ने ढोल पीटना शुरू कर दिया कि उन्हें अमेरिका की विजय दिवस परेड में खास तौर पर आमंत्रित किया गया है।
दरअसल, पाकिस्तानी सेना और मीडिया ने बड़ी चालाकी से ऐसा माहौल बनाया है कि जनरल मुनीर अमेरिका की ऐतिहासिक विजय दिवस परेड में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करने जा रहे हैं। वहां वो मंच पर बैठेंगे, तालियां बटोरेंगे और दुनिया पाकिस्तान की ताकत देखेगी। लेकिन जैसे ही असली कहानी सामने आई, पाकिस्तान की पोल दुनिया के सामने आ गई। विजय दिवस परेड में पाकिस्तान को कोई आमंत्रण नहीं भेजा गया और न ही असीम मुनीर वहां मेहमान बनने जा रहे हैं। वो बस अमेरिका के दौरे पर हैं और अपने सैन्य समकक्षों से मिलने जा रहे हैं। यानी दुष्प्रचार की पटकथा तो लिखी गई लेकिन हकीकत में कोई मंच नहीं था।
फर्जी 'दावत' का शिकार हुए पाकिस्तानी सूत्रों के मुताबिक, यह झूठ पाकिस्तान ने देश में अपनी सेना और सरकार की छवि चमकाने के लिए गढ़ा था। आर्थिक रूप से दिवालिया हो चुके पाकिस्तान के पास अब सिर्फ 'इमेज बिल्डिंग' का सहारा है। उन्हें यह दिखाना था कि भले ही उनकी जेब खाली हो, लेकिन अमेरिका जैसी महाशक्ति भी पाकिस्तान का सम्मान करती है। लेकिन जब दुनिया को सच्चाई पता चली तो पाकिस्तान के झूठ का तिलिस्म वहीं टूट गया। इस खबर पर भारत में भी कड़ी नजर रखी जा रही है, क्योंकि असीम मुनीर का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर है। हाल ही में भारत की ओर से चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान की धरती पर मौजूद आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया गया। पाकिस्तान की ओर से जवाबी कार्रवाई भी हुई, लेकिन भारत ने हर मोर्चे पर मुंहतोड़ जवाब दिया और पाकिस्तान को पीछे हटना पड़ा।
अमेरिका के बयान ने बचाई पाकिस्तान की लाज इस पूरे घटनाक्रम में अमेरिका ने भी पाकिस्तान की थोड़ी लाज रख ली। सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के कमांडर जनरल माइकल कुरिल्ला ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तान की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने आईएसआईएस-के आतंकियों के खिलाफ अफगान सीमा पर अच्छा काम किया है। लेकिन यह बयान विजय दिवस परेड को लेकर फैलाए गए झूठ की भरपाई नहीं कर सका। ऑपरेशन सिंदूर और ट्रंप के 'क्रेडिट गेम' के इस जालसाजी के पीछे एक वजह भारत-पाकिस्तान तनाव भी था। हाल ही में भारत ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए ऑपरेशन सिंदूर चलाया था।
भारत ने पहलगाम में मारे गए 26 निर्दोष भारतीयों की मौत का बदला लेने के लिए इस मिशन को अंजाम दिया था। दावा किया जाता है कि इस भारतीय ऑपरेशन में करीब 100 आतंकी मारे गए थे। भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों तक तनाव जारी रहा। इस बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों देशों के बीच युद्ध रोकने का श्रेय लिया। उन्होंने खुले तौर पर कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच शांति उनके प्रयासों से आई है। विजय दिवस परेड में आमंत्रित होने का पाकिस्तान का सपना, सपना ही रह गया। भारत की निगाहें अब असीम मुनीर की अमेरिका यात्रा पर टिकी हैं, क्योंकि पड़ोसी देश, भले ही कमजोर हो, चालबाजियों में कभी पीछे नहीं रहता। एक बार फिर पाकिस्तान बेनकाब हुआ, और दुनिया हंस रही है।

