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मंदी से उबरने के लिए Pakistan के सामने 7-8 फीसदी विकास दर पाने की चुनौती

मंदी से उबरने के लिए पाकिस्तान के सामने 7-8 फीसदी विकास दर पाने की चुनौती

पाकिस्तान न्यूज डेस्क !!! पाकिस्तान को अगले कई वर्षो तक लगभग 7-8 प्रतिशत की निरंतर वार्षिक आर्थिक विकास दर की आवश्यकता है, ताकि वह पर्याप्त रोजगार पैदा कर सके और देश में लगातार बढ़ रही गरीबी को कम किया जा सके।

पाकिस्तानी अखबार डॉन की ओर से हाल ही में जारी एक रिपोर्ट में जिक्र किया गया है, "लेकिन उस तरह की वृद्धि कहीं नहीं दिख रही है।"

जबकि विश्व बैंक ने वित्तवर्ष 2021-22 के लिए पाकिस्तान के लिए अपने विकास अनुमान को पहले के 2 प्रतिशत से 3.4 प्रतिशत तक संशोधित किया है, जो कि उम्मीदों से कम है।

एक विश्लेषक ने इंडिया नैरेटिव को बताया, "देश का नेतृत्व हमेशा उन मुद्दों पर अधिक केंद्रित रहा है, जो आर्थिक से अधिक राजनीतिक प्रकृति के हैं। गेम चेंजिंग आर्थिक नीतियों और सुधारों पर कभी भी सरकार का जोर नहीं रहा है।"

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने 2018 में सत्ता संभालने पर आर्थिक विकास और रोजगार सृजन का वादा किया था। लेकिन जब से उन्होंने कार्यभार संभाला है, मैक्रो-इकनॉमिक इंडिकेटर कमजोर हुए हैं। विश्व बैंक के अनुसार, 2018 में देश की विकास दर 5.8 प्रतिशत थी। 2019 में, यह केवल 1 प्रतिशत से थोड़ा कम हो गई और 2020 में यह 0.5 प्रतिशत थी - दुनिया के अधिकांश हिस्सों की तरह पाकिस्तान भी कोविड-19 से बुरी तरह प्रभावित था।

पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट इकोनॉमिक्स (पीआईडीई) द्वारा हाल ही में जारी बेरोजगारी के आंकड़ों से पता चला है कि कम से कम स्नातक की डिग्री रखने वाले 24 प्रतिशत लोग बिना नौकरी के हैं। वास्तविक आंकड़ा शायद इससे अधिक हो सकता है।

इस साल दक्षिण एशियाई क्षेत्र के 7.1 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है।

विश्व बैंक ने 2021-22 में भारत के लिए 8.3 प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान लगाया है। जबकि मालदीव, जिसने 2020 में 33.6 प्रतिशत का संकुचन या गिरावट दर्ज की थी, 2021 में 22.3 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज करने की उम्मीद है। वहीं बांग्लादेश की ओर से 2021 में 5 प्रतिशत विकास दर दर्ज करने का अनुमान है।

--इंडियानैरेटिव

आइएएनएस

विश्व न्यूज उेस्क !!!

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