मसूद अजहर पर पाकिस्तान ने बढ़ाया इनाम, नई रेड बुक में फिर भगोड़ा घोषित
पाकिस्तान ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के प्रमुख और भारत में हुए कई आतंकी मामलों के आरोपी मसूद अजहर पर घोषित इनाम की राशि बढ़ा दी है। पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) ने अजहर को आतंकियों की नई रेड बुक में एक बार फिर भगोड़ा घोषित किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, उसके बारे में सूचना देने वाले व्यक्ति के लिए इनाम की राशि बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये कर दी गई है। इस घटनाक्रम को पाकिस्तान की आतंकवाद विरोधी कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय निगरानी के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मसूद अजहर का नाम भारत में हुए कई बड़े आतंकी हमलों और आतंकी साजिशों से जुड़ा रहा है। वह जैश-ए-मोहम्मद का संस्थापक और प्रमुख है। भारत की संसद पर दिसंबर 2001 में हुए आतंकी हमले के मामले में भी उसका नाम सामने आया था। इसके अलावा वह पठानकोट एयरबेस हमले और पुलवामा आतंकी हमले से जुड़े मामलों में भी भारत की जांच एजेंसियों के निशाने पर रहा है।
FIA की नई रेड बुक में अजहर को दोबारा भगोड़ा घोषित किए जाने से पाकिस्तान के आधिकारिक रुख को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, पाकिस्तान लंबे समय से यह दावा करता रहा है कि वह आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। ऐसे में अजहर पर इनाम बढ़ाने और उसे भगोड़ा घोषित करने की कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच उठाया गया कदम माना जा रहा है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अक्टूबर में फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की बैठक प्रस्तावित है। FATF दुनिया भर में मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के वित्तपोषण पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था है। पाकिस्तान पहले भी FATF की निगरानी और कार्रवाई का सामना कर चुका है। ऐसे में बैठक से पहले आतंकवाद से जुड़े मामलों में अपनी कार्रवाई को प्रदर्शित करना पाकिस्तान के लिए अहम माना जा रहा है।
रेड बुक में किसी व्यक्ति का नाम शामिल करना जांच एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जाता है। इसमें ऐसे लोगों की जानकारी शामिल की जाती है, जिन्हें एजेंसियां गंभीर अपराधों या आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े मामलों में तलाश रही होती हैं। मसूद अजहर को इस सूची में शामिल किए जाने के साथ उसके बारे में सूचना देने के लिए इनाम की राशि बढ़ाना भी पाकिस्तान की ओर से कार्रवाई दिखाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि, मसूद अजहर के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भारत का रुख लंबे समय से स्पष्ट रहा है। भारत उसे एक प्रमुख आतंकवादी और देश में कई आतंकी घटनाओं की साजिश से जुड़ा आरोपी मानता है। अजहर को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से विवाद भी रहा है। अब पाकिस्तान की नई रेड बुक में उसका नाम और बढ़ा हुआ इनाम कितना प्रभावी साबित होता है, इस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर रहेगी।
अक्टूबर में होने वाली FATF बैठक से पहले पाकिस्तान की इस कार्रवाई ने मसूद अजहर और जैश-ए-मोहम्मद को लेकर एक बार फिर चर्चा बढ़ा दी है। अब सवाल यह है कि पाकिस्तान की ओर से घोषित इनाम और भगोड़ा घोषित करने की कार्रवाई केवल कागजी कदम साबित होती है या उसके खिलाफ वास्तविक कार्रवाई भी आगे बढ़ती है।

