दुनिया पर मंडराया तेल का संकट: ईरान के हमले के बाद होर्मुज से 99% घटी तेल टैंकरों की आवाजाही, 24 घंटे में 7 जहाजों पर हमला
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ईरान की नौसेना ने दावा किया है कि उसने 24 घंटे के भीतर 7 जहाजों को नुकसान पहुंचाया। इनमें तेल ले जा रहे 4 जहाज शामिल हैं, जिन पर एक साथ हमला किए जाने के बाद आग लग गई। वहीं, होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिमी हिस्से में 3 जहाज बारूदी सुरंगों की चपेट में आ गए।
ईरान का आरोप है कि इन जहाजों ने चेतावनी के बावजूद ऐसे समुद्री रास्ते से गुजरने की कोशिश की, जहां से आवाजाही की उन्हें अनुमति नहीं थी। इसके बाद चार जहाजों को निशाना बनाया गया। हालांकि, ईरान ने जहाजों के नाम, उनके मालिकों और नुकसान की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि भी स्पष्ट नहीं है।
होर्मुज से तेल टैंकरों की आवाजाही में 99% गिरावट
स्ट्रैटजिक एनर्जी मैप वेबसाइट के आंकड़ों के मुताबिक, 20 अक्टूबर को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल टैंकरों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में लगभग 99% कम हो गई। इसका मतलब है कि यदि आम दिनों में इस रास्ते से 100 टैंकर गुजरते थे, तो उस दिन उनकी संख्या घटकर लगभग एक रह गई।होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाला बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। दुनिया की तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। ऐसे में यहां जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की उपलब्धता और कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
ईरान ने अमेरिका को दी जवाबी हमले की चेतावनी
ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका जहाजों को बारूदी सुरंगों वाले समुद्री रास्तों से गुजरने के लिए उकसा रहा है। ईरानी नौसेना ने चेतावनी दी है कि अगर ऐसी कार्रवाई जारी रही, तो जवाबी हमलों का दायरा बढ़ाया जा सकता है। इसमें पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने भी निशाने पर आ सकते हैं।ईरान का कहना है कि उसकी नौसेना होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही को नियंत्रित कर रही है। हालांकि, इन आरोपों पर अमेरिका की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
ट्रम्प बोले- ईरान के साथ बातचीत नहीं, जल्द कुछ हो सकता है
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को कहा कि अमेरिका फिलहाल ईरान के साथ बातचीत नहीं कर रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में कुछ हो सकता है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि अमेरिका आगे क्या कदम उठाएगा।ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि अमेरिका सैन्य और आर्थिक, दोनों मोर्चों पर ईरान के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। उनके बयान के बाद क्षेत्र में संभावित अमेरिकी कार्रवाई को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
रिपोर्ट में नए अमेरिकी-इजराइली हमलों की योजना का दावा
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और इजराइल ने नवंबर में होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान पर नए हमलों की योजनाएं तैयार की हैं।रिपोर्ट में दावा किया गया है कि संभावित लक्ष्यों में ईरान के ऊर्जा प्रतिष्ठान, परमाणु केंद्र और मिसाइल व ड्रोन से जुड़े ठिकाने शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा, अमेरिका नवंबर की शुरुआत तक पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।रिपोर्ट के अनुसार, इस तैनाती में तीन विमानवाहक पोत, हजारों मरीन सैनिक और लड़ाकू विमान शामिल हो सकते हैं। हालांकि, संभावित हमलों और सैन्य तैनाती से जुड़ी इन जानकारियों को संबंधित पक्षों की आधिकारिक पुष्टि से अलग समझना जरूरी है।
ईरान ने भी दी कड़ी जवाबी कार्रवाई की धमकी
संभावित अमेरिकी हमलों की खबरों के बीच ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रवक्ता होसैन मोहिबी ने अमेरिका के ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ का जिक्र करते हुए कहा कि ईरान उसे ‘फादर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ दिखाएगा।
वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा कि मौजूदा हालात ईरान, पश्चिम एशिया और पूरी दुनिया के लिए अच्छे नहीं हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि दबाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों के बावजूद ईरान मजबूती से खड़ा है और आगे भी ऐसा करता रहेगा।
तेल की कीमतों पर पड़ सकता है बड़ा असर
होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हमलों के ईरानी दावों और तेल टैंकरों की आवाजाही में भारी गिरावट ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को लेकर चिंता बढ़ा दी है। यदि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर लंबे समय तक बाधाएं बनी रहती हैं, तो तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
इसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों से लेकर पेट्रोल-डीजल की लागत तक देखने को मिल सकता है। फिलहाल, क्षेत्र में हालात पर दुनिया की नजर बनी हुई है और आगे के घटनाक्रम से यह तय होगा कि समुद्री व्यापार तथा ऊर्जा आपूर्ति पर कितना असर पड़ता है।

