उत्तर कोरिया का फिर ऐलान- परमाणु हथियार नहीं छोड़ेंगे, किम यो-जोंग ने कहा- सुरक्षा के लिए जरूरी; अमेरिका से बातचीत की कोशिशों के बीच बयान
उत्तर कोरिया ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि वह अपने परमाणु हथियारों को खत्म करने के लिए तैयार नहीं है। उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की बहन और देश की वरिष्ठ अधिकारी किम यो-जोंग ने गुरुवार को कहा कि उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियारों को बनाए रखेगा। उनके मुताबिक, ये हथियार देश की सुरक्षा के लिए जरूरी हैं।
किम यो-जोंग ने परमाणु हथियार छोड़ने के लिए उत्तर कोरिया को मनाने की कोशिशों को खारिज करते हुए इसे ‘बेवकूफी भरी बात’ बताया। उनका बयान ऐसे समय आया है जब अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी IAEA की जनरल कॉन्फ्रेंस वियना में चल रही है। इस सम्मेलन में परमाणु ऊर्जा और परमाणु अप्रसार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो रही है।किम यो-जोंग ने अपने बयान में उत्तर कोरिया की परमाणु नीति को लेकर देश का रुख दोहराया। उत्तर कोरिया लंबे समय से अपने परमाणु हथियारों को राष्ट्रीय सुरक्षा और प्रतिरोधक क्षमता से जोड़ता रहा है। प्योंगयांग का कहना है कि परमाणु हथियार बाहरी सैन्य खतरों से देश की सुरक्षा के लिए जरूरी हैं।
ट्रंप की बातचीत की इच्छा के बीच आया बयान
किम यो-जोंग का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया के साथ दोबारा बातचीत शुरू करने की इच्छा जताई है। ट्रंप अपने पहले कार्यकाल के दौरान किम जोंग उन के साथ तीन बार मुलाकात कर चुके हैं। दोनों नेताओं की पहली ऐतिहासिक बैठक 2018 में सिंगापुर में हुई थी। इसके बाद 2019 में वियतनाम के हनोई में दोनों नेताओं की मुलाकात हुई, लेकिन बातचीत किसी समझौते तक नहीं पहुंच सकी।हनोई बैठक के बाद अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच परमाणु निरस्त्रीकरण को लेकर वार्ता आगे नहीं बढ़ पाई। इसके बाद प्योंगयांग ने अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को जारी रखा। उत्तर कोरिया ने बाद के वर्षों में कई मिसाइल परीक्षण किए और अपनी परमाणु क्षमता को मजबूत करने की दिशा में काम जारी रखा।
परमाणु कार्यक्रम पर उत्तर कोरिया का पुराना रुख
उत्तर कोरिया लंबे समय से अपने परमाणु कार्यक्रम को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताता रहा है। देश ने अपने परमाणु हथियारों को लेकर नीति में बदलाव के संकेत भी नहीं दिए हैं। किम यो-जोंग का ताजा बयान इसी नीति की निरंतरता के तौर पर देखा जा रहा है।दूसरी ओर, अमेरिका और उसके सहयोगी देश उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को लेकर चिंता जताते रहे हैं। अमेरिका लंबे समय से उत्तर कोरिया से परमाणु हथियारों के कार्यक्रम को रोकने और बातचीत की मेज पर लौटने की मांग करता रहा है।
अब ट्रंप प्रशासन की ओर से बातचीत की इच्छा जताए जाने के बीच किम यो-जोंग का यह बयान सामने आया है। इससे संकेत मिलता है कि भविष्य में अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच बातचीत शुरू होने पर परमाणु हथियारों का मुद्दा सबसे अहम विषयों में से एक रहेगा। हालांकि, बातचीत कब और किन शर्तों पर शुरू होगी, इसे लेकर अभी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

