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25 साल बाद खुला 9/11 से जुड़ा नया राज सऊदी नागरिक और अल कायदा नेता के वीडियो ने बढ़ाई हलचल
 

25 साल बाद खुला 9/11 से जुड़ा नया राज सऊदी नागरिक और अल कायदा नेता के वीडियो ने बढ़ाई हलचल


अमेरिका पर 11 सितंबर 2001 को हुए आतंकी हमलों की जांच से जुड़ा एक पुराना मामला नए वीडियो सामने आने के बाद फिर सुर्खियों में आ गया है। बीबीसी की जांच में ऐसे फुटेज सामने आए हैं जिनमें सऊदी नागरिक उमर अल बायूमी को अनवर अल अवलाकी के साथ देखा जा सकता है।
इन वीडियो की खास बात यह है कि इन्हें 9/11 हमलों के बाद जांच के दौरान सबूत के तौर पर हासिल किया गया था लेकिन लंबे समय तक इन्हें सार्वजनिक नहीं किया गया। अब इनके सामने आने से बायूमी के संपर्कों और अमेरिकी जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर नए सवाल उठ रहे हैं।


पुराने वीडियो से खुली कनेक्शन की नई परत
बीबीसी पैनोरमा और रेडियो 4 की जांच में मिले फुटेज में बायूमी और अनवर अल अवलाकी के बीच नजदीकी दिखाई देती है। एक वीडियो में दोनों एक दूसरे से मिलते और गले लगते नजर आते हैं जबकि दूसरे फुटेज में वे पेंटबॉल गतिविधि में शामिल दिखाई देते हैं।
बताया जा रहा है कि पेंटबॉल वाला वीडियो 1997 या 1998 के आसपास कैलिफोर्निया के सैन डिएगो क्षेत्र में रिकॉर्ड किया गया था। इस दौरान वहां कुछ अन्य लोग भी मौजूद थे जिनमें सऊदी अरब के धार्मिक मामलों से जुड़े एक अधिकारी का नाम भी सामने आया है।
फुटेज में शामिल कुछ लोग सैन्य शैली के कपड़ों में दिखाई देते हैं और निशानेबाजी के साथ लड़ाई जैसे अभ्यास करते नजर आते हैं। जांच के दौरान एफबीआई अधिकारियों को यह जानकारी भी दी गई थी कि कुछ कट्टरपंथी समूह पेंटबॉल जैसी गतिविधियों को प्रशिक्षण के लिए इस्तेमाल करते थे।


पुराने बयान से उलट दिखा वीडियो
जनवरी 1998 के बताए जा रहे एक वीडियो ने इस मामले को और महत्वपूर्ण बना दिया है। इसमें उमर अल बायूमी को अनवर अल अवलाकी के साथ गले मिलते देखा जा सकता है।
यह वीडियो इसलिए चर्चा में है क्योंकि बाद के वर्षों में कानूनी पूछताछ के दौरान बायूमी ने अवलाकी से मिलने की बात से इनकार किया था। वीडियो सामने आने के बाद उसके उस दावे की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं।


अमेरिका पहुंचने के बाद बदलती गई गतिविधियां
उमर अल बायूमी 1994 में सैन डिएगो पहुंचा था। शुरुआत में उसने कहा था कि उसका मकसद अंग्रेजी भाषा सीखना है। लेकिन बाद की जांच में सामने आया कि उसकी शैक्षणिक गतिविधियां सीमित होती गईं और वह धार्मिक कार्यक्रमों से जुड़ी गतिविधियों में ज्यादा सक्रिय हो गया।
9/11 हमलों के बाद उसका नाम जांच में उस समय प्रमुखता से आया जब उसका संबंध उन दो लोगों से जुड़ा मिला जो बाद में हमलों में शामिल अपहरणकर्ताओं के रूप में पहचाने गए।
नवाफ अल हाजमी और खालिद अल मिहधर के नाम उस अपार्टमेंट के किराये से जुड़े दस्तावेजों में थे जहां बायूमी का भी नाम सामने आया था। दोनों बाद में पेंटागन पर हमला करने वाले विमान के अपहरण में शामिल थे।


ब्रिटेन में गिरफ्तारी और संदिग्ध दस्तावेज
हमलों के कुछ दिनों बाद बायूमी ब्रिटेन पहुंचा जहां 21 सितंबर 2001 को उसे बर्मिंघम में हिरासत में लिया गया। तलाशी के दौरान पुलिस को उसके पास से बड़ी संख्या में दस्तावेज तस्वीरें और दर्जनों वीडियो टेप मिले।
जब्त किए गए सामान में हाथ से बना एक ऐसा चित्र भी था जिसमें विमान का स्केच और उससे जुड़े दूरी व ऊंचाई के गणितीय आंकड़े दर्ज थे।
एफबीआई को इस दस्तावेज की जानकारी हमलों के तुरंत बाद मिल गई थी। हालांकि रिपोर्ट के अनुसार ब्रिटिश अधिकारियों की उस टीम को इसकी पूरी जानकारी नहीं थी जो बायूमी से पूछताछ कर रही थी।
बाद में एक अमेरिकी संघीय जज ने इस दस्तावेज को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा था कि पहली नजर में यह बायूमी को 9/11 हमलों की पूर्व जानकारी से जोड़ने वाला संकेत हो सकता है।


जांच के कई पहलुओं पर उठे सवाल
बीबीसी की पड़ताल में यह भी दावा किया गया कि एफबीआई के कुछ अधिकारी बायूमी से जुड़े संपर्कों और संभावित सबूतों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे लेकिन कई प्रयास आगे नहीं बढ़ सके।
कुछ रिपोर्टों में यह भी सामने आया कि बायूमी के सऊदी सरकार से जुड़े कथित संपर्कों की जांच और पूछताछ की कोशिशें पूरी तरह आगे नहीं बढ़ पाईं।
हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने अंततः यह निष्कर्ष निकाला कि बायूमी के खिलाफ अमेरिका में प्रत्यर्पण की कार्रवाई के लिए पर्याप्त सबूत उपलब्ध नहीं हैं। इसके बाद 28 सितंबर 2001 को उसे रिहा कर दिया गया।


सऊदी अरब और बायूमी ने आरोप नकारे
इस पूरे मामले में उमर अल बायूमी और सऊदी अरब दोनों पहले ही किसी भी तरह की भूमिका या 9/11 हमलों की पूर्व जानकारी होने के आरोपों को खारिज कर चुके हैं।
9/11 पीड़ितों के परिवारों की ओर से सऊदी अरब के खिलाफ बड़ा मुकदमा भी चल रहा है जिसमें हमलों से संबंध होने के आरोप लगाए गए हैं। सऊदी सरकार लगातार इन आरोपों को नकारती रही है।
बीबीसी ने नए वीडियो और जांच से जुड़े सवालों पर बायूमी तथा सऊदी सरकार से प्रतिक्रिया मांगी लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। एफबीआई ने भी मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
नए वीडियो के सामने आने के बाद 9/11 की जांच का एक पुराना अध्याय फिर खुल गया है। अब सवाल केवल बायूमी और अवलाकी की मुलाकातों का नहीं बल्कि यह भी है कि जांच एजेंसियों के पास मौजूद इन सबूतों की पूरी तस्वीर इतने वर्षों तक सार्वजनिक क्यों नहीं हो सकी।
 

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