इमरान खान सरकार गिरने पर नया विवाद, अमेरिकी साजिश और सेना की भूमिका के दावे, एक्सक्लूसिव वीडियो में देंखे मॉस्को दौरे से जुड़ा बड़ा खुलासा
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार गिरने को लेकर एक बार फिर नई बहस छिड़ गई है। अमेरिकी मीडिया आउटलेट ड्रॉप साइट न्यूज की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इमरान खान की सत्ता से विदाई केवल अविश्वास प्रस्ताव का नतीजा नहीं थी, बल्कि इसके पीछे अमेरिका और पाकिस्तानी सेना की कथित भूमिका भी रही।रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2022 में हुए घटनाक्रम, खासकर रूस-यूक्रेन युद्ध की शुरुआत और पाकिस्तान की विदेश नीति, इस पूरे राजनीतिक संकट के केंद्र में रहे।
रिपोर्ट के अनुसार, इमरान खान ने 24 फरवरी 2022 को रूस की राजधानी मॉस्को का दौरा किया था, जहां उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी। दिलचस्प बात यह है कि उसी दिन रूस ने यूक्रेन पर सैन्य कार्रवाई शुरू की थी, जिससे यह दौरा अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आ गया था।दावा किया गया है कि इस यात्रा से अमेरिका असंतुष्ट था, क्योंकि वह चाहता था कि पाकिस्तान रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर स्पष्ट रूप से रूस की आलोचना करे और पश्चिमी देशों के रुख के साथ खड़ा हो। हालांकि, इमरान खान की सरकार ने इस मामले में तटस्थ (न्यूट्रल) नीति अपनाई और किसी पक्ष का खुलकर समर्थन करने से इनकार कर दिया।
इसी पृष्ठभूमि में रिपोर्ट यह भी संकेत देती है कि पाकिस्तान के भीतर राजनीतिक अस्थिरता बढ़ी और बाद में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए इमरान खान की सरकार गिर गई। हालांकि, इस दावे को लेकर अभी तक किसी आधिकारिक सरकार या सैन्य स्रोत की पुष्टि सामने नहीं आई है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इमरान खान के कार्यकाल के दौरान पाकिस्तान की विदेश नीति कई बार पश्चिमी देशों और पारंपरिक साझेदारों से अलग नजर आई, खासकर रूस और चीन के साथ संबंधों को लेकर। मॉस्को यात्रा को भी इसी कड़ी में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जाता है।
दूसरी ओर, इमरान खान पहले भी यह आरोप लगाते रहे हैं कि उनकी सरकार के खिलाफ बाहरी दबाव और आंतरिक साजिशें रची गई थीं। हालांकि उनके इन दावों को लेकर पाकिस्तान की तत्कालीन सरकार और सेना ने बार-बार इनकार किया है।विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की रिपोर्टें पाकिस्तान की राजनीति में पहले से मौजूद विवादों को और गहरा कर सकती हैं। साथ ही, अमेरिका, रूस और पाकिस्तान के बीच रिश्तों को लेकर भी नई बहस को जन्म दे सकती हैं। कुल मिलाकर, यह नया खुलासा एक बार फिर इमरान खान की सत्ता से विदाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति और घरेलू सत्ता संघर्ष के जटिल समीकरणों पर सवाल खड़े करता है, जिनका पूरा सच अभी भी विवादों के घेरे में बना हुआ है।

