नेतन्याहू के सहयोगी दल का बड़ा दांव, वीडियो में जाने विपक्षी नेता गादी आइजनकोट को PM बनाने का प्रस्ताव; समर्थन के बदले रखी ये शर्त
इजराइल की राजनीति में एक बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सहयोगी दल यूनाइटेड टोरा जूडिज्म ने विपक्षी नेता गादी आइजनकोट को प्रधानमंत्री बनाने का प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्ताव के साथ पार्टी ने समर्थन देने के बदले एक बड़ी शर्त भी रखी है। पार्टी चाहती है कि हरेदी समुदाय के लोगों को अनिवार्य सैन्य सेवा से छूट जारी रखी जाए।चैनल 12 की रिपोर्ट के मुताबिक, यूनाइटेड टोरा जूडिज्म को चुनाव में 7 सीटें मिली हैं। पार्टी ने संकेत दिया है कि वह आइजनकोट के नेतृत्व वाली सरकार को बाहर से समर्थन दे सकती है। हालांकि, इसके लिए उसकी मांग है कि हरेदी समुदाय के धार्मिक छात्रों को सेना में अनिवार्य सेवा से छूट मिलती रहे। इस प्रस्ताव ने इजराइल की राजनीति में सैन्य सेवा और धार्मिक समुदायों को मिलने वाली छूट का मुद्दा फिर से चर्चा में ला दिया है।
हरेदी समुदाय को सैन्य सेवा से मिलती रही है छूट
इजराइल में आमतौर पर नागरिकों के लिए सेना में सेवा देना अनिवार्य है। देश की सुरक्षा व्यवस्था में सैन्य सेवा को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी माना जाता है। हालांकि, हरेदी समुदाय के धार्मिक छात्रों को लंबे समय से सैन्य सेवा से बड़े स्तर पर छूट मिलती रही है।हरेदी समुदाय के लोग यहूदी धर्म की परंपराओं और धार्मिक अध्ययन को विशेष महत्व देते हैं। उनके धार्मिक संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को अब तक कई मामलों में सेना में भर्ती से छूट दी जाती रही है।इस व्यवस्था को लेकर इजराइल में लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक बहस चल रही है। एक पक्ष इसे धार्मिक स्वतंत्रता और परंपराओं से जोड़ता है, जबकि दूसरा पक्ष इसे समान नागरिक जिम्मेदारी कामुद्दा मानता है।
आइजनकोट सैन्य छूट के विरोध में रहे हैं
गादी आइजनकोट का रुख इस मुद्दे पर नेतन्याहू सरकार से अलग रहा है। वे चाहते हैं कि हरेदी समुदाय के लोगों को भी अन्य नागरिकों की तरह अनिवार्य सैन्य सेवा करनी चाहिए।आइजनकोट का मानना रहा है कि देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी सभी नागरिकों को साझा करनी चाहिए। ऐसे में यूनाइटेड टोरा जूडिज्म की ओर से उनके समर्थन के बदले सैन्य छूट जारी रखने की मांग उनके लिए राजनीतिक चुनौती बन सकती है।
सरकार में शामिल हुए बिना समर्थन देने की पेशकश
चैनल 12 की रिपोर्ट के अनुसार, यूनाइटेड टोरा जूडिज्म ने आइजनकोट की सरकार में सीधे शामिल हुए बिना बाहर से समर्थन देने का प्रस्ताव दिया है। इसका मतलब है कि पार्टी सरकार में मंत्री पद लेने के बजाय संसद में महत्वपूर्ण मतदान के दौरान उसका साथ दे सकती है।इसके तहत सरकार के खिलाफ होने वाले कुछ मतदान में पार्टी विरोध करने के बजाय वोटिंग से दूर रह सकती है। इससे संसद में आइजनकोट के नेतृत्व वाली सरकार को बहुमत जुटाने में मदद मिल सकती है।
नेतन्याहू की राजनीति पर भी पड़ सकता है असर
यूनाइटेड टोरा जूडिज्म लंबे समय से नेतन्याहू के राजनीतिक सहयोगियों में शामिल रहा है। ऐसे में विपक्षी नेता को प्रधानमंत्री बनाने का प्रस्ताव इजराइल की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर अंतिम राजनीतिक स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। सैन्य सेवा से छूट का मुद्दा आइजनकोट और धार्मिक दलों के बीच समझौते की सबसे बड़ी चुनौती बन सकता है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि यूनाइटेड टोरा जूडिज्म अपनी शर्तों पर कितना कायम रहता है और इजराइल में सत्ता समीकरण किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।

