नेपाल बाढ़ : महाराष्ट्र सरकार ने जारी की हेल्पलाइन; परिजनों से जानकारी देने की अपील
नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है। इस प्राकृतिक आपदा के बीच 133 भारतीय नागरिकों के फंसे होने की जानकारी सामने आई है, जिनमें महाराष्ट्र के कई लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं। अधिकारियों को आशंका है कि लापता भारतीयों की संख्या अभी बढ़ सकती है, क्योंकि नेपाल गए कई पर्यटकों और यात्रियों की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।कई परिवारों ने प्रशासन से संपर्क कर बताया है कि नेपाल घूमने गए उनके परिजनों से काफी समय से बातचीत नहीं हो पा रही है। ऐसे में प्रभावित लोगों की तलाश और उनके परिवारों तक सही जानकारी पहुंचाने की कोशिश तेज कर दी गई है।
महाराष्ट्र सरकार ने शुरू किया कंट्रोल रूम
नेपाल में फंसे महाराष्ट्र के नागरिकों और पर्यटकों की मदद के लिए राज्य सरकार ने विशेष व्यवस्था शुरू की है। महाराष्ट्र राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों की जानकारी जुटाने के लिए ऑनलाइन सूचना प्रणाली शुरू की है।इसके अलावा मंत्रालय स्थित राज्य नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सक्रिय रखा गया है, ताकि नेपाल में फंसे लोगों और उनके परिजनों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर
राज्य सरकार ने प्रभावित नागरिकों और उनके परिवारों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।
टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1070
राज्य नियंत्रण कक्ष: +91-9321587143
प्रशासन ने अपील की है कि अगर किसी व्यक्ति का रिश्तेदार, दोस्त या परिचित नेपाल में फंसा हुआ है और उससे संपर्क नहीं हो पा रहा है, तो उसकी जानकारी तुरंत नियंत्रण कक्ष को दी जाए।
फंसे व्यक्ति की ये जानकारी दें
प्रशासन को सूचना देते समय परिवार के सदस्यों से ज्यादा से ज्यादा सही जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
फंसे हुए व्यक्ति का पूरा नाम
मोबाइल नंबर
नेपाल में वर्तमान स्थान
होटल या ठहरने की जगह की जानकारी
यात्रा से संबंधित विवरण
परिवार के किसी सदस्य का संपर्क नंबर
इन जानकारियों की मदद से प्रशासन के लिए संपर्कविहीन लोगों की पहचान और तलाश करना आसान होगा।
बढ़ सकती है लापता भारतीयों की संख्या
भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के बाद कई इलाकों में संपर्क व्यवस्था प्रभावित हुई है। ऐसे में नेपाल गए सभी यात्रियों और पर्यटकों की तत्काल जानकारी जुटाना चुनौती बना हुआ है।यही वजह है कि अधिकारियों को आशंका है कि सामने आया 133 भारतीयों का आंकड़ा अंतिम नहीं हो सकता। जैसे-जैसे परिवार प्रशासन से संपर्क करेंगे और यात्रियों की जानकारी सामने आएगी, संख्या में बदलाव संभव है।
संपर्कविहीन लोगों की तलाश जारी
प्रशासन की ओर से नेपाल में फंसे और संपर्क से बाहर हुए लोगों की जानकारी जुटाने का अभियान जारी है। वहीं, प्रभावित परिवारों से अपील की गई है कि वे घबराने के बजाय उपलब्ध सभी जानकारी नियंत्रण कक्ष के साथ साझा करें।इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता फंसे भारतीय नागरिकों का पता लगाना, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना है।

