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नेपाल बाढ़ त्रासदी: एक हफ्ते बाद भी रेस्क्यू जारी, 1127 शव बरामद, वीडियो में जाने 4800 लोग अब भी लापता

नेपाल बाढ़ त्रासदी: एक हफ्ते बाद भी रेस्क्यू जारी, 1127 शव बरामद, वीडियो में जाने 4800 लोग अब भी लापता

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के एक सप्ताह बाद भी राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। लेकिन जैसे-जैसे समय बीत रहा है, लापता लोगों के परिजनों की उम्मीदें कमजोर होती जा रही हैं। कई परिवार अब भी अपने प्रियजनों की तलाश में प्रशासन और बचाव दलों से जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित कई इलाकों में भारी मात्रा में कीचड़ और मलबा जमा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद मुश्किल बना हुआ है।

26 अगस्त को आई इस भीषण आपदा ने नेपाल के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई थी। अब तक इस त्रासदी में 1127 शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें से 9 शव भारत में भी मिले हैं। वहीं करीब 4800 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की भी है। रिपोर्ट के अनुसार, लापता लोगों में लगभग 500 विदेशी नागरिक शामिल हैं।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों को ढूंढना है। लगातार बारिश, पहाड़ी इलाकों में टूटे रास्ते और जगह-जगह जमा मलबे के कारण बचाव टीमों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई क्षेत्रों में सड़क संपर्क टूट चुका है, जिससे राहत सामग्री पहुंचाने और खोज अभियान चलाने में मुश्किलें आ रही हैं।इस आपदा में नेपाल में काम कर रहे कई विदेशी नागरिक भी प्रभावित हुए हैं। नेपाल की सड़कों और हाइड्रोपावर परियोजनाओं पर काम कर रहे कई चीनी नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। चीन के विदेश मंत्रालय के अनुसार, नेपाल में करीब 100 चीनी नागरिकों का अब तक पता नहीं चल पाया है। प्रभावित परिवार लगातार सरकारों से अपने परिजनों की सही और स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं।

बाढ़ की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कई परिवार पूरी तरह उजड़ गए हैं। एक नेपाली लड़की ने बताया कि इस आपदा में उसने अपने परिवार के 17 सदस्यों को खो दिया। उसके लिए यह त्रासदी जिंदगी भर का दर्द बन गई है। कई गांवों में ऐसे ही परिवार अपने रिश्तेदारों की तलाश में भटक रहे हैं।नेपाल के बिदुर क्षेत्र में बाढ़ से विस्थापित हुए हजारों लोग अब अस्थायी शिविरों में रहने को मजबूर हैं। शिविरों में रहने वाले लोगों के सामने भोजन, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं की चुनौतियां बनी हुई हैं। इसके साथ ही उन्हें दोबारा बाढ़ आने का डर भी सता रहा है। प्रभावित लोगों का कहना है कि घर और रोजगार दोनों खत्म हो चुके हैं, ऐसे में जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाना बड़ी चुनौती है।

सरकार और बचाव एजेंसियां लगातार प्रभावित इलाकों में अभियान चला रही हैं। भारत, चीन और अन्य देशों की राहत टीमें भी नेपाल की मदद में जुटी हुई हैं। हालांकि, हजारों लोगों के अब भी लापता होने के कारण यह आपदा नेपाल के इतिहास की सबसे बड़ी मानवीय चुनौतियों में से एक बन गई है।अब सभी की नजर इस बात पर है कि बचाव अभियान में कितने और लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सकता है। वहीं, लापता लोगों के परिवार अभी भी किसी चमत्कार की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

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