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मुस्लिम मुल्कों को जंगी साजो-सामान देख देकर खलीफा बनने की फिराक में PAK जाने मुनीर का डिफेंस डॉक्ट्रिन प्लान

मुस्लिम मुल्कों को जंगी साजो-सामान देख देकर खलीफा बनने की फिराक में PAK जाने मुनीर का डिफेंस डॉक्ट्रिन प्लान

पाकिस्तान के आर्मी चीफ, फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने मुस्लिम दुनिया की रक्षा के लिए एक नया "रक्षा सिद्धांत" बनाया है। इस सिद्धांत के तहत, पाकिस्तान मुस्लिम देशों के साथ आक्रामक रक्षा और रणनीतिक साझेदारी बढ़ा रहा है। इसमें बड़े हथियारों के सौदे, फाइटर जेट और मिसाइलों की बिक्री शामिल है। भारतीय रक्षा और खुफिया सूत्रों ने इसे "रक्षा कूटनीति" का एक नया सिद्धांत बताया है।

पाकिस्तान की न्यूक्लियर छतरी सुरक्षा देगी

सूत्रों के अनुसार, बढ़ती वैश्विक अस्थिरता के कारण, कई मुस्लिम देश पाकिस्तान की न्यूक्लियर छतरी के तहत सुरक्षा चाहते हैं। पाकिस्तान दुनिया का एकमात्र इस्लामिक देश है जिसके पास परमाणु हथियार हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी देश के साथ परमाणु हथियारों के ट्रांसफर या शेयरिंग का कोई सौदा नहीं हुआ है, लेकिन पाकिस्तान उन देशों को रणनीतिक आश्वासन दे रहा है जिन्हें इज़राइल या अन्य देशों से खतरा है।

पाकिस्तान मुस्लिम देशों का रक्षक बनना चाहता है

भारतीय सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि सऊदी-पाकिस्तान समझौता मध्य पूर्व में शक्ति संतुलन को बदल सकता है। आसिम मुनीर इस रणनीति को तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं। पाकिस्तान खुद को मुस्लिम देशों के "रक्षक" के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।

पाकिस्तान को $8 बिलियन के रक्षा निर्यात ऑर्डर मिले

पाकिस्तान के उप प्रधान मंत्री और विदेश मंत्री, इशाक डार ने कहा है कि लगभग आठ मुस्लिम देशों ने इस्लामाबाद के साथ रक्षा साझेदारी की संभावना तलाशी है। ये देश हथियारों की खरीद और सैन्य सहयोग चाहते हैं। पाकिस्तान ने मौजूदा वित्तीय वर्ष 2025-26 में $8 बिलियन के रक्षा निर्यात ऑर्डर हासिल किए हैं और अगले 3-5 सालों में $20 बिलियन तक के हथियार बेचने का लक्ष्य रखा है।

पाकिस्तान किन देशों के साथ ऐसे महत्वपूर्ण सौदे कर रहा है?

पाकिस्तान पहले ही सऊदी अरब के साथ एक रणनीतिक सैन्य समझौता कर चुका है। संभावित JF-17 थंडर फाइटर जेट सौदा $3.7 बिलियन का हो सकता है। सऊदी अरब क्षेत्रीय अस्थिरता (यमन, इज़राइल-फिलिस्तीन, लीबिया, सूडान, आदि) और UAE के साथ तनाव के कारण पाकिस्तान पर निर्भर है। सऊदी अरब अपनी तरफ से लड़ने के लिए पाकिस्तानी सेना को बुला सकता है। इसके अलावा, -

अज़रबैजान: 40 JF-17 विमानों के लिए $4.6 बिलियन का सौदा फाइनल हो गया है, और वर्तमान में डिलीवरी चरण में है।

लीबिया: UAE बैंकिंग चैनलों के माध्यम से $1.25-1.4 बिलियन का हथियारों का सौदा।

सूडान: $1.1 बिलियन का हथियारों का सौदा।

बांग्लादेश: लगभग $1 बिलियन का रक्षा सौदा, जिसमें JF-17 और अन्य हथियार शामिल हो सकते हैं। तुर्की भी सऊदी-पाकिस्तान समझौते में शामिल होना चाहता है। जॉर्डन और मिस्र भी पाकिस्तानी हथियारों में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इन डील्स के ज़रिए पाकिस्तान मुस्लिम देशों के बीच NATO जैसा ढांचा बनाने की कोशिश कर रहा है।

JF-17 डिफेंस डील की मुख्य बातें

JF-17 थंडर फाइटर जेट पाकिस्तान और चीन का एक जॉइंट प्रोजेक्ट है। यह एक हल्का, मल्टी-रोल फाइटर जेट है जो सस्ता और आसानी से उपलब्ध है। JF-17 कई डील्स में एक मुख्य आकर्षण है। मिसाइल, ड्रोन, हेलीकॉप्टर और एयर डिफेंस सिस्टम भी इन डील्स का हिस्सा हैं।

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