Samachar Nama
×

6 महीने में 100 से ज्यादा भारतीय शिकार! होर्मुज में मरीन क्रू पर फिर हुआ हमला, जानें मिडिल ईस्ट समंदर का पूरा सच

6 महीने में 100 से ज्यादा भारतीय शिकार! होर्मुज में मरीन क्रू पर फिर हुआ हमला, जानें मिडिल ईस्ट समंदर का पूरा सच

Strait of Hormuz Attack: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक बार फिर कमर्शियल जहाज को निशाना बनाए जाने का मामला सामने आया है। भारत ने ओमान के पास पनामा के झंडे वाले एक व्यापारिक जहाज पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। इस हमले में 12 क्रू मेंबर घायल हुए हैं, जिनमें 11 भारतीय नागरिक बताए जा रहे हैं।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, MT On Peace नाम का यह जहाज ओमान के तट के पास से गुजर रहा था। इसी दौरान जहाज पर एक प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया। जहाज पर कुल 19 लोग सवार थे, जिनमें 17 भारतीय नागरिक शामिल थे।हमले के बाद ओमानी अधिकारियों की मदद से घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। सभी घायलों को इलाज के लिए ओमान के खासाब में भर्ती कराया गया है। भारत सरकार की ओर से उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

होर्मुज में लगातार हमलों पर भारत चिंतित

भारत ने क्षेत्र में कमर्शियल जहाजों पर हो रहे लगातार हमलों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि समुद्री रास्तों पर इस तरह के हमले शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा हैं। भारत ने इन हमलों को तुरंत रोकने और कमर्शियल जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की अपील की है।बताया गया है कि फरवरी से अब तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र में हुए विभिन्न हमलों से 100 से ज्यादा भारतीय नाविक प्रभावित हुए हैं। वहीं, इन घटनाओं में 11 भारतीय नाविकों की मौत होने की बात सामने आई है।

खाड़ी क्षेत्र में 4,500 से ज्यादा भारतीय नाविक

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 29 सितंबर को बताया था कि फारस की खाड़ी और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में अलग-अलग कमर्शियल जहाजों पर 4,500 से ज्यादा भारतीय नाविक काम कर रहे हैं।उन्होंने बताया था कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पश्चिमी हिस्से में भारत के झंडे वाले 6 कमर्शियल जहाज मौजूद हैं। इसके अलावा 6 विदेशी झंडे वाले जहाज भी भारत के लिए सामान लेकर इस क्षेत्र में मौजूद थे। इन कुल 12 जहाजों पर करीब 163 भारतीय नाविक सवार बताए गए थे।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत का शिपिंग मंत्रालय इन जहाजों की आवाजाही पर लगातार नजर रख रहा है। भारतीय दूतावास स्थानीय एजेंसियों के साथ संपर्क में हैं और नाविकों की सुरक्षा तथा उनकी स्थिति की निगरानी की जा रही है। जरूरत पड़ने पर भारतीय मिशन उनकी मदद के लिए जरूरी कदम उठा रहे हैं।

संयुक्त राष्ट्र में भी उठा था जहाजों की सुरक्षा का मुद्दा

कमर्शियल जहाजों और नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा भारत पहले भी संयुक्त राष्ट्र में उठा चुका है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 26 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान होर्मुज स्ट्रेट, रेड सी और ब्लैक सी में जहाजों और नाविकों पर हो रहे हमलों का जिक्र किया था।जयशंकर ने समुद्री रास्तों पर होने वाली हिंसा और जान के नुकसान को अस्वीकार्य बताया था। उन्होंने कहा था कि बढ़ते समुद्री खतरे पहले से मौजूद क्षेत्रीय संकट को और गंभीर बना रहे हैं।भारत ने संयुक्त राष्ट्र में भी तनाव कम करने, सभी पक्षों से संयम बरतने और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर कमर्शियल जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की अपील की थी।स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। ऐसे में यहां कमर्शियल जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता भारत समेत कई देशों के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है।

Share this story

Tags