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ईरान जाएंगी महबूबा मुफ्ती, वीडियो में देंखे अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में देंगी श्रद्धांजलि

ईरान जाएंगी महबूबा मुफ्ती, वीडियो में देंखे अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में देंगी श्रद्धांजलि

पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती 3 से 6 जुलाई के बीच ईरान की राजधानी तेहरान में आयोजित होने वाले ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होंगी। उन्हें ईरान सरकार ने भारत की विशेष अतिथि के रूप में आधिकारिक निमंत्रण भेजा है। इस अवसर पर भारत सहित कई देशों के प्रतिनिधि और गणमान्य अतिथि मौजूद रहेंगे।

महबूबा बोलीं- यह जीवन में एक बार मिलने वाला सम्मान

आमंत्रण मिलने पर महबूबा मुफ्ती ने खुशी जताते हुए कहा कि यह उनके लिए बेहद सम्मान की बात है। उन्होंने कहा, "यह मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है। जिंदगी में एक बार मिलने वाला ऐसा अवसर है। मैं अयातुल्ला अली खामेनेई को अंतिम श्रद्धांजलि देने तेहरान जाऊंगी।"उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक अवसर पर शामिल होना उनके लिए व्यक्तिगत और राजनीतिक दोनों ही दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

भारत से कई प्रमुख हस्तियों को मिला निमंत्रण

ईरान सरकार ने अंतिम संस्कार समारोह के लिए भारत की विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों को भी आमंत्रित किया है। जानकारी के अनुसार, भाजपा, कांग्रेस और पीडीपी के नेताओं के अलावा जैन संत आचार्य लोकेश मुनि को भी आधिकारिक निमंत्रण भेजा गया है।भारत सरकार की ओर से विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन भी इस राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होंगे और भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

दुनिया के सबसे बड़े राजकीय अंतिम संस्कारों में हो सकता है शामिल

ईरान सरकार का अनुमान है कि अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा में करीब 2 करोड़ लोग शामिल हो सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो यह ईरान के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा राजकीय अंतिम संस्कार माना जाएगा।तेहरान में अंतिम संस्कार को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और बड़ी संख्या में विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के आगमन को देखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रहेगा आयोजन पर ध्यान

अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में दुनिया के कई देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। ऐसे में यह आयोजन केवल ईरान ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी चर्चा का केंद्र बना हुआ है। भारत की ओर से उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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