‘487 पुरुषों के बाद गिनती छोड़ दी…’वीडियो में जाने फ्रांस में गर्लफ्रेंड को 7 साल तक प्रताड़ित करने वाले पूर्व बैंक मैनेजर को 25 साल जेल
France में एक बेहद चौंकाने वाले मामले में अदालत ने 51 वर्षीय पूर्व बैंक मैनेजर को अपनी गर्लफ्रेंड के शारीरिक, मानसिक और यौन शोषण का दोषी ठहराते हुए 25 साल जेल की सजा सुनाई है। आरोपी पर अपनी पार्टनर को वर्षों तक प्रताड़ित करने, जबरन यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर करने और देह व्यापार में धकेलने जैसे गंभीर आरोप लगे थे।पीड़िता 42 वर्षीय लेटेसिया आर ने अदालत में सुनवाई के दौरान अपने साथ हुई भयावह घटनाओं का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि आरोपी गिलौम बुची ने शुरुआत में “सेक्स गेम” और रिश्ते में विश्वास का बहाना बनाकर धीरे-धीरे उन पर पूरा नियंत्रण स्थापित कर लिया। बाद में स्थिति इतनी भयावह हो गई कि उन्हें जबरन कई लोगों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर किया जाने लगा।
पीड़िता के मुताबिक आरोपी उन्हें अपने दोस्तों, सहकर्मियों और यहां तक कि अजनबियों के साथ भी संबंध बनाने के लिए दबाव डालता था। इतना ही नहीं, वह ग्राहकों की सूची तक तैयार करवाता था और लगातार उनका शोषण करता रहा। अदालत में बयान देते हुए लेटेसिया ने कहा, “मैंने 487 पुरुषों के बाद गिनती करना बंद कर दिया था। इनमें कुछ लोग ऐसे थे जिनसे मुझे कई बार मिलना पड़ा।”अदालत में सुनवाई के दौरान पीड़िता ने बताया कि सात वर्षों तक वह डर, दबाव और मानसिक उत्पीड़न के माहौल में जीती रहीं। आरोपी उन पर लगातार मानसिक दबाव बनाता था और विरोध करने पर हिंसा करता था। मामले की जांच के दौरान कई डिजिटल सबूत, संदेश और अन्य दस्तावेज भी अदालत में पेश किए गए।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कोर्ट में इस मामले को लेकर चार घंटे से ज्यादा समय तक बहस चली। अभियोजन पक्ष ने आरोपी के व्यवहार को बेहद क्रूर और अमानवीय बताया। अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद आरोपी को दोषी करार देते हुए 25 साल कैद की सजा सुनाई।फैसला सुनाए जाने के बाद कोर्ट रूम का माहौल भावुक हो गया। पीड़िता लेटेसिया रो पड़ीं, जबकि आरोपी गिलौम बुची बिना किसी भाव के अदालत में खड़ा रहा। इस मामले ने फ्रांस में महिलाओं के खिलाफ हिंसा और मानसिक शोषण को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
महिला अधिकार संगठनों ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह फैसला उन महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण संदेश है जो लंबे समय तक हिंसा और शोषण सहने के बावजूद सामने आने से डरती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला रिश्तों में मानसिक नियंत्रण और जबरन शोषण के खतरनाक पहलुओं को उजागर करता है। फिलहाल यह मामला फ्रांस समेत कई देशों में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इसे हाल के वर्षों के सबसे भयावह शोषण मामलों में से एक मान रहे हैं।

