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65 लाख की नौकरी को मारी लात! बेंगलुरु के टेक इंजीनियर के कदम ने सबको चौंकाया

65 लाख की नौकरी को मारी लात! बेंगलुरु के टेक इंजीनियर के कदम ने सबको चौंकाया

कॉर्पोरेट दुनिया में जहां लोग बेहतर सैलरी और प्रमोशन के लिए लंबे समय तक मेहनत करते हैं, वहीं बेंगलुरु के 31 वर्षीय एक सॉफ्टवेयर डेवलपर ने इसके बिल्कुल उलट फैसला लिया है। करीब 45 लाख रुपए सालाना कमाने वाले इस टेक इंजीनियर के सामने 20 लाख रुपए से ज्यादा के अतिरिक्त सालाना पैकेज का ऑफर था। प्रमोशन स्वीकार करने के बाद उसकी कुल सालाना कमाई 65 लाख रुपए से अधिक हो जाती। इसके बावजूद उसने यह ऑफर ठुकरा दिया।

इंजीनियर के इस फैसले ने वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर सोशल मीडिया पर नई चर्चा शुरू कर दी है। कई लोगों ने इसे करियर में पीछे हटने के बजाय अपनी जिंदगी की प्राथमिकताओं को समझने वाला फैसला बताया है।

प्रमोशन के साथ बढ़ जातीं जिम्मेदारियां

यह पूरी कहानी बिजनेस कंसल्टेंसी फर्म यूएबिलिटी के संस्थापक रोहन धवन ने LinkedIn पर साझा की है। उन्होंने बताया कि उनके 31 वर्षीय दोस्त की मौजूदा सालाना आय करीब 45 लाख रुपए है। कंपनी की ओर से उसे प्रमोशन के साथ 65 लाख रुपए से ज्यादा का पैकेज ऑफर किया गया था।

हालांकि, ज्यादा सैलरी के साथ उसकी जिम्मेदारियां भी काफी बढ़ने वाली थीं। नई भूमिका में उसे एक बड़ी टीम संभालनी पड़ती और मौजूदा टीम के मुकाबले लगभग दोगुने कर्मचारियों की जिम्मेदारी उसके पास होती।

इसके अलावा उसे अमेरिका में मौजूद टीम के साथ सप्ताह में करीब चार रात देर तक कॉल करनी पड़ती। नौकरी के सिलसिले में लगातार यात्रा भी करनी होती। यानी प्रमोशन के साथ कमाई तो बढ़ती, लेकिन उसके निजी जीवन के लिए उपलब्ध समय काफी कम हो जाता।

Weekend भी पूरी तरह खाली नहीं रहते

इस नई भूमिका का असर सिर्फ ऑफिस के घंटों तक सीमित नहीं रहने वाला था। कागजों पर शनिवार और रविवार छुट्टी के दिन होते, लेकिन बढ़ी हुई जिम्मेदारियों के कारण इन दिनों के पूरी तरह फ्री रहने की कोई गारंटी नहीं थी।

इंजीनियर ने इसी पहलू को ध्यान में रखते हुए प्रमोशन और अतिरिक्त कमाई के बजाय अपनी मौजूदा लाइफस्टाइल को बनाए रखने का फैसला किया।

Family और Fitness को दी प्राथमिकता

रोहन धवन के मुताबिक, इंजीनियर और उसकी पत्नी अगले साल परिवार बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। इसके अलावा वह अपनी फिटनेस को लेकर भी काफी गंभीर है और सप्ताह में पांच दिन सुबह वर्कआउट करता है।

वह हर बुधवार अपने माता-पिता के साथ समय बिताने और उनके साथ खाना खाने की कोशिश करता है। ऐसे में उसे लगा कि नई जिम्मेदारी स्वीकार करने के बाद इन चीजों के लिए समय निकालना मुश्किल हो सकता है।

इसी वजह से उसने 20 लाख रुपए से ज्यादा की अतिरिक्त कमाई के मौके को छोड़कर अपनी मौजूदा दिनचर्या, परिवार और निजी समय को प्राथमिकता दी।

पिता ने भी पूछा- इतनी बड़ी रकम क्यों छोड़ी?

जब इंजीनियर ने प्रमोशन का ऑफर ठुकराया तो उसके पिता भी हैरान रह गए। उन्होंने सवाल किया कि जब इतनी बड़ी रकम अतिरिक्त मिल रही थी तो उसने इसे छोड़ने का फैसला क्यों किया।

आमतौर पर लोग छोटी सी सैलरी बढ़ोतरी के लिए भी नौकरी बदलने या अतिरिक्त जिम्मेदारी लेने को तैयार हो जाते हैं। ऐसे में 20 लाख रुपए से ज्यादा के अतिरिक्त पैकेज को मना करना उनके लिए भी चौंकाने वाला था।

हालांकि, इंजीनियर का मानना था कि ज्यादा पैसा हमेशा बेहतर जिंदगी की गारंटी नहीं देता। अगर अतिरिक्त कमाई के बदले परिवार, स्वास्थ्य और निजी जिंदगी के लिए समय ही कम हो जाए, तो फैसला सिर्फ सैलरी देखकर नहीं किया जा सकता।

सोशल मीडिया पर लोगों ने बताया 'समझदारी भरा फैसला'

रोहन धवन की पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर इस फैसले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई यूजर्स ने इंजीनियर के फैसले का समर्थन किया और कहा कि करियर में सफलता का मतलब केवल ज्यादा पैसा कमाना नहीं है।

एक यूजर ने बताया कि उसने भी पिछले साल करीब 80 फीसदी सैलरी हाइक वाले ऑफर को ठुकरा दिया था, क्योंकि उस समय उसके घर में छोटा बच्चा था। उसके मुताबिक, जिंदगी के अलग-अलग पड़ाव पर इंसान की प्राथमिकताएं बदलती रहती हैं।

वहीं, एक अन्य यूजर ने इस फैसले को साहसिक और व्यावहारिक बताया। यूजर के मुताबिक, जिंदगी के हर फैसले को सिर्फ बैंक बैलेंस के आधार पर तय नहीं किया जा सकता।

इस कहानी ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि करियर में आगे बढ़ने के लिए ज्यादा कमाई जरूरी है या फिर ऐसा जीवन ज्यादा बेहतर है, जिसमें नौकरी के साथ परिवार, स्वास्थ्य और खुद के लिए भी पर्याप्त समय बचा रहे।

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