Italy News: मिलान में हिंसा के बाद सख्त हुई मेलोनी सरकार, 500 अतिरिक्त सैनिक होंगे तैनात
इटली के मिलान शहर में हिंसक प्रदर्शनों, तोड़फोड़ और दुकानों में लूटपाट की घटनाओं के बाद सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई नए उपायों की घोषणा की है। प्रस्तावित कदमों में मिलान में 500 अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती, नाबालिगों के उपद्रव से हुए नुकसान की भरपाई और हिंसक प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शामिल है।
मिलान में हिंसा से करीब 10 लाख यूरो के नुकसान का दावा
रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को मिलान में हुए प्रदर्शनों के दौरान कई दुकानों में लूटपाट की गई, संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया और प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़प हुई। इन घटनाओं में करीब 10 लाख यूरो का नुकसान होने की बात कही गई है।
घटनाओं के बाद सरकार ने सार्वजनिक सुरक्षा मजबूत करने और भविष्य में इस तरह की हिंसा को रोकने के लिए नए कदम उठाने की घोषणा की।
साल के अंत तक तैनात होंगे 500 अतिरिक्त सैनिक
सरकार की योजना के तहत साल के अंत तक मिलान में 500 अतिरिक्त सैनिक तैनात किए जाएंगे। इसका उद्देश्य संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ाना और हिंसक घटनाओं पर नियंत्रण रखना है।
इसके अलावा, प्रस्तावित उपायों में नाबालिगों की ओर से की गई तोड़फोड़ या अन्य उपद्रव से हुए नुकसान की भरपाई उनके माता-पिता से कराने का प्रावधान भी शामिल बताया गया है। यह व्यवस्था संबंधित कानून और मामले की परिस्थितियों के अनुसार लागू होगी।
14 साल से अधिक उम्र के नाबालिगों पर कार्रवाई
नई योजना के तहत 14 वर्ष से अधिक उम्र के नाबालिगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को आसान बनाने की बात कही गई है। रिपोर्ट में हिंसक प्रदर्शनों में शामिल लोगों के लिए पांच साल तक की जेल और 20 हजार यूरो तक जुर्माने का भी उल्लेख है। हालांकि, इन दंडों का वास्तविक दायरा संबंधित अपराध और लागू कानूनी प्रावधानों पर निर्भर करेगा।
सरकार का कहना है कि हिंसा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सुरक्षा बलों पर हमले जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कानून का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
सोशल मीडिया वीडियो के बाद जुटे युवाओं पर चिंता
प्रधानमंत्री मेलोनी ने प्रदर्शनों के दौरान कम उम्र के युवाओं की भागीदारी पर भी चिंता जताई। उनके मुताबिक, कुछ युवा सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो देखने के बाद छोटे-छोटे समूहों में घटनास्थल पर पहुंचे थे। आरोप है कि इनमें से कुछ ने तोड़फोड़ और चोरी की तथा घटनाओं के वीडियो भी बनाए।
इस मामले ने सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री के प्रभाव और हिंसक गतिविधियों की नकल करने की प्रवृत्ति को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
चेहरा छिपाने वालों की पहचान पर भी जोर
मेलोनी ने बताया कि सरकार पहले मंजूर किए गए सुरक्षा उपायों को भी आगे बढ़ा रही है। इनमें बायोमेट्रिक पहचान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से नकाब या हुड पहनकर अपनी पहचान छिपाने वाले लोगों की पहचान करने से जुड़े उपाय शामिल बताए गए हैं।
सरकार का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य हिंसक घटनाओं पर नियंत्रण और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है। हालांकि, नई व्यवस्था के लागू होने के तरीके और कानूनी सीमाओं की जानकारी आधिकारिक आदेश से स्पष्ट होगी।

