ईरान पर फिर हमले की तैयारी में इजराइल, ट्रम्प की मंजूरी का इंतजार, वीडियो में जाने अमेरिका के साथ नए सैन्य अभियान की अटकलें तेज
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच पश्चिम एशिया में एक बार फिर बड़े सैन्य टकराव की आशंका गहरा गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजराइल ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। बताया जा रहा है कि इजराइल इस अभियान को अमेरिका के साथ मिलकर अंजाम देना चाहता है, लेकिन इसके लिए वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की अंतिम मंजूरी का इंतजार कर रहा है।
इस संभावित कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा और वैश्विक तेल बाजार पर पड़ सकता है।
ट्रम्प की मंजूरी का इंतजार कर रहा इजराइल
इजराइली मीडिया कान की रिपोर्ट के अनुसार, इजराइल ने ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य अभियान की तैयारियां पूरी कर ली हैं। हालांकि अंतिम निर्णय अमेरिकी प्रशासन के रुख पर निर्भर करेगा। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इजराइली अधिकारियों को उम्मीद है कि आने वाले कुछ दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ सकता है तथा सैन्य कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देशों के बीच हालात जिस दिशा में बढ़ रहे हैं, उसे देखते हुए इजराइल किसी भी स्थिति के लिए खुद को तैयार रख रहा है।
जरूरत पड़ी तो फिर होगा हमला
न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट में यरुशलम स्थित एक सूत्र के हवाले से कहा गया है कि यदि हालात की मांग हुई तो इजराइल दोबारा ईरान पर हमला करने से पीछे नहीं हटेगा। सूत्र के अनुसार, इजराइल नहीं चाहता कि उसके नागरिकों को एक बार फिर बंकरों में शरण लेनी पड़े, लेकिन वह ईरान की गतिविधियों को नजरअंदाज भी नहीं कर सकता।
इजराइली सुरक्षा एजेंसियां ईरान की सैन्य गतिविधियों और क्षेत्रीय घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े किसी भी खतरे का जवाब देने के लिए सभी विकल्प खुले हैं।
होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका का बड़ा बयान
इस बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान के दावों को खारिज कर दिया है। CENTCOM ने स्पष्ट किया कि होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का कोई नियंत्रण नहीं है और अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर सभी देशों के जहाजों को अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत आवाजाही का अधिकार है।
अमेरिकी सेना ने ईरानी सरकारी मीडिया की उस रिपोर्ट को भी गलत बताया, जिसमें दावा किया गया था कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाज केवल ईरान द्वारा निर्धारित समुद्री मार्ग का ही इस्तेमाल कर सकते हैं।
वैश्विक बाजार और सुरक्षा पर पड़ सकता है असर
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक माना जाता है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है। ऐसे में यदि इस क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ता है, तो अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों, समुद्री व्यापार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर व्यापक असर पड़ सकता है।
दुनिया की नजर अब अमेरिका, इजराइल और ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई है। यदि कूटनीतिक प्रयास सफल नहीं होते हैं और सैन्य कार्रवाई आगे बढ़ती है, तो पश्चिम एशिया में तनाव का नया दौर शुरू हो सकता है, जिसका प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

