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अमेरिका की नजर भारत के पड़ोस वाले आइलैंड पर? हिंद महासागर को लेकर आखिर ट्रंप के दिमाग में क्या खिचड़ी पक रही 

अमेरिका की नजर भारत के पड़ोस वाले आइलैंड पर? हिंद महासागर को लेकर आखिर ट्रंप के दिमाग में क्या खिचड़ी पक रही 

हिंद महासागर में चागोस द्वीप समूह को लेकर अमेरिका और ब्रिटेन के बीच फिर से हलचल शुरू हो गई है। *द टेलीग्राफ* की एक रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस मॉरिशस से सीधे चागोस द्वीप समूह खरीदने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। रिपोर्ट का कहना है कि इस कदम से द्वीपों की संप्रभुता मॉरिशस को सौंपने की ब्रिटेन की योजना पर असर पड़ सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन के अधिकारी ब्रिटेन को दरकिनार कर डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे का सीधा नियंत्रण अपने हाथ में लेने के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। डिएगो गार्सिया हिंद महासागर में ब्रिटेन और अमेरिका का संयुक्त सैन्य अड्डा है, जिसे पश्चिम एशिया और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सैन्य अभियानों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

अमेरिकी अधिकारियों को आशंका है कि चागोस द्वीप समूह की संप्रभुता मॉरिशस को सौंपने से सुरक्षा जोखिम बढ़ सकते हैं। वाशिंगटन को खासकर चीन और ईरान के साथ मॉरिशस के संबंधों को लेकर चिंता है। रिपोर्ट बताती है कि इस मुद्दे पर अमेरिका और ब्रिटेन के बीच बातचीत चल रही है।

**अमेरिकी आपत्तियों के कारण समझौता रुका**
एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि दोनों देश डिएगो गार्सिया को क्षेत्रीय सुरक्षा केंद्र के तौर पर सुरक्षित और प्रभावी बनाए रखने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। ब्रिटेन पहले चागोस द्वीप समूह की संप्रभुता मॉरिशस को सौंपने पर सहमत हो गया था। प्रस्तावित समझौते के तहत, ब्रिटेन डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे को लंबी अवधि की लीज पर अपने पास रखता। हालांकि, अमेरिकी आपत्तियों के कारण यह समझौता फिलहाल रुका हुआ है।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर की सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका की सहमति के बिना कोई अंतिम समझौता आगे नहीं बढ़ेगा। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने चागोस द्वीप समूह खरीदने के विकल्प पर भी विचार किया है। गौरतलब है कि ट्रंप पहले भी ब्रिटेन-मॉरिशस समझौते की आलोचना कर चुके हैं; खबरों के मुताबिक, उन्होंने इसे बड़ी गलती बताया था और कहा था कि इससे ब्रिटेन का रणनीतिक नियंत्रण खत्म हो जाएगा।

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