ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान के इस्तीफे की खबरों से मचा हड़कंप, फुटेज में देंखे राष्ट्रपति कार्यालय ने रिपोर्ट को बताया गलत
ईरान की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई को अपना इस्तीफा भेज दिया है। हालांकि, राष्ट्रपति कार्यालय ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
ईरान इंटरनेशनल की एक रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कथित तौर पर अपने इस्तीफे में कहा है कि देश की सत्ता पर अब पूरी तरह इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडरों का नियंत्रण हो गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया कि राष्ट्रपति ने यह भी लिखा कि फरवरी में अमेरिका और इजराइल के साथ तनाव और युद्ध जैसी स्थिति बनने के बाद उनकी सरकार को महत्वपूर्ण फैसलों से दूर रखा जा रहा है।
सैन्य नेतृत्व पर लगाया नियंत्रण का आरोप
रिपोर्ट के मुताबिक, पजशकियान का मानना है कि हाल के महीनों में देश का वास्तविक नियंत्रण निर्वाचित सरकार के बजाय सैन्य नेतृत्व के हाथों में चला गया है। बताया गया कि सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े अहम निर्णयों में पर्याप्त भूमिका नहीं दी जा रही।
राष्ट्रपति कार्यालय ने किया खंडन
हालांकि, इन दावों के सामने आने के बाद ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय ने तत्काल प्रतिक्रिया दी है। राष्ट्रपति कार्यालय में संचार और सूचना प्रसार विभाग के डिप्टी चीफ सैयद मेहदी तबातबाई ने इस्तीफे संबंधी रिपोर्ट को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के इस्तीफे की खबरें सही नहीं हैं और मीडिया में चल रही रिपोर्टों में कोई सच्चाई नहीं है।
बढ़ सकती हैं राजनीतिक चर्चाएं
इस रिपोर्ट और उसके खंडन के बाद ईरान की आंतरिक राजनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, जब तक सरकार या सर्वोच्च नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक इस्तीफे की खबरों की पुष्टि नहीं मानी जा सकती।

