अमेरिकी वोटरों को ईरान की IRGC की 25 पेज की चिट्ठी, ट्रंप की नीतियों का विरोध करने की अपीलं
अमेरिका में होने वाले मिडटर्म चुनाव से करीब पांच सप्ताह पहले ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिकी जनता के नाम 25 पेज की खुली चिट्ठी जारी की है। इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों की आलोचना करते हुए अमेरिकी मतदाताओं से उनकी नीतियों पर पुनर्विचार करने की अपील की गई है। IRGC ने अमेरिका और ईरान के बीच शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की बात भी कही है। Reuters
ट्रंप को लेकर IRGC ने क्या कहा?
IRGC के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल होसैन मोहेबी ने ट्रंप को भरोसे के लायक नेता नहीं बताया और अमेरिकी लोगों से मौजूदा अमेरिकी नीतियों पर सवाल उठाने की अपील की। चिट्ठी में अमेरिका की इजराइल को दी जा रही सहायता और दूसरे देशों में सैन्य हस्तक्षेप का भी विरोध किया गया है। IRGC का दावा है कि अगर अमेरिका अपनी नीतियों में बदलाव करता है तो दोनों देश शांतिपूर्ण तरीके से साथ रह सकते हैं। हालांकि, ये आरोप और दावे ईरान की IRGC की ओर से किए गए हैं। इन्हें स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्य के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
मिडटर्म चुनाव से पहले जारी हुई चिट्ठी
अमेरिका में 2026 के मिडटर्म चुनाव 3 नवंबर को होने हैं। इन चुनावों में अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों के लिए मतदान होता है। IRGC ने अपनी चिट्ठी ऐसे समय जारी की है, जब चुनाव में करीब पांच सप्ताह बाकी हैं। IRGC प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अमेरिकी मतदाता इस संदेश को सुनेंगे और नेताओं को लेकर अपने फैसलों पर विचार करेंगे। चिट्ठी में अमेरिकी सरकार की ईरान नीति, युद्ध और आर्थिक खर्च को लेकर भी कई आरोप लगाए गए हैं। IRGC ने अमेरिकी कार्रवाई को ईरान के खिलाफ युद्ध के संदर्भ में पेश किया और कहा कि अमेरिकी नीतियों में बदलाव से दोनों देशों के बीच तनाव कम हो सकता है।
परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी आरोप
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अमेरिका के उस रुख की भी आलोचना की, जिसमें ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना युद्ध के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल बताया गया है। IRGC का कहना है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है और अमेरिका इसे युद्ध के लिए आधार के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है। वहीं अमेरिका और उसके सहयोगियों की ओर से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर गंभीर सुरक्षा चिंताएं जताई जाती रही हैं।
ट्रंप ने UN में ईरान को लेकर क्या कहा था?
पिछले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान ट्रंप ने ईरान के खिलाफ कड़ा बयान दिया था। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने कहा था कि अगर वह चाहें तो ईरान को पूरी तरह तबाह कर सकते हैं। अमेरिका ने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने को युद्ध के प्रमुख घोषित उद्देश्यों में शामिल किया है। इस बीच IRGC की ओर से जारी 25 पेज की चिट्ठी ने अमेरिका-ईरान तनाव को अमेरिकी चुनावी राजनीति से भी जोड़ दिया है। हालांकि, IRGC के प्रवक्ता ने खुद कहा है कि उन्हें उम्मीद नहीं है कि यह पत्र अमेरिकी प्रशासन के व्यवहार को बदल देगा, लेकिन उनका कहना है कि अमेरिकी मतदाता इस संदेश पर ध्यान दे सकते हैं।

