Samachar Nama
×

‘ईरान को डील या तबाही में से एक चुनना होगा’, ट्रंप की नई धमकी से बढ़ा भू-राजनीतिक तनाव

‘ईरान को डील या तबाही में से एक चुनना होगा’, ट्रंप की नई धमकी से बढ़ा भू-राजनीतिक तनाव

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बार फिर तनाव बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने हालिया बयान में ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि उसे “डील या तबाही” में से एक विकल्प चुनना होगा। इस बयान के बाद वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है।

इसी बीच चीन का नाम भी इस पूरे विवाद में सामने आने से स्थिति और जटिल होती दिख रही है। विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका, चीन और ईरान के बीच यह बयानबाजी पहले से मौजूद भू-राजनीतिक तनाव को और बढ़ा सकती है।

ईरान को लेकर सख्त रुख

Iran को लेकर ट्रंप लंबे समय से सख्त नीति के समर्थक रहे हैं। अपने बयान में उन्होंने संकेत दिया कि यदि ईरान परमाणु और क्षेत्रीय गतिविधियों पर समझौता नहीं करता, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

उनके इस बयान को पश्चिम एशिया में अमेरिका की संभावित भविष्य की नीति के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

चीन की भूमिका क्यों अहम?

China इस पूरे विवाद में एक अहम खिलाड़ी के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि वह ईरान का प्रमुख व्यापारिक और कूटनीतिक साझेदार है। तेल व्यापार और रणनीतिक सहयोग को लेकर चीन और ईरान के रिश्ते पहले से मजबूत माने जाते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अमेरिका और चीन के बीच तनाव बढ़ता है, तो इसका सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर असर की आशंका

भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने पर अक्सर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। ईरान तेल निर्यात से जुड़ा एक अहम देश है, ऐसे में किसी भी प्रकार का विवाद वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित कर सकता है।

कूटनीतिक हलकों में चिंता

कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयानबाजी के दौर में बातचीत और संवाद सबसे जरूरी है। यदि प्रमुख शक्तियां टकराव की बजाय संवाद का रास्ता नहीं अपनातीं, तो स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो सकती है।

Share this story

Tags