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Iran ने दक्षिण कोरिया को दी सीधी चेतावनी: 'अगर अमेरिका का साथ दिया तो भुगतने होंगे अंजाम'

Iran ने दक्षिण कोरिया को दी सीधी चेतावनी: 'अगर अमेरिका का साथ दिया तो भुगतने होंगे अंजाम'

अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिका की ओर से दूसरे देशों पर ईरान की मदद नहीं करने का दबाव बनाए जाने की बात सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि ईरान का समर्थन करने वाले देशों को गंभीर नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

इसी बीच ईरान ने भी दूसरे देशों को अमेरिकी दबाव के आगे नहीं झुकने की चेतावनी दी है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी अन्य देश की सैन्य मौजूदगी को लेकर कड़ा बयान दिया है।

'सैन्य मौजूदगी को आक्रामकता का समर्थन माना जाएगा'

इस्माइल बघाई ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए ईरान और दक्षिण कोरिया के संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ईरान और कोरिया गणराज्य के बीच छह दशक से ज्यादा पुराने संबंध हैं और दोनों देशों के रिश्ते आपसी सम्मान के आधार पर आगे बढ़े हैं।

उन्होंने कहा कि ईरान इन दोस्ताना संबंधों को काफी महत्व देता है। हालांकि मौजूदा हालात में ईरानी लोग अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों का सामना कर रहे हैं। बघाई के मुताबिक, ऐसे समय में फारस की खाड़ी या होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी दूसरे देश की सैन्य मौजूदगी या सैन्य अभियानों में भागीदारी को आक्रामक पक्ष का समर्थन माना जाएगा।

ईरानी प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि ऐसी किसी भी कार्रवाई के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

अमेरिका के दबाव में न आने की अपील

बघाई ने आगे कहा कि किसी भी संप्रभु और जिम्मेदार देश को अमेरिका की धमकियों और दबाव के आगे नहीं झुकना चाहिए। उन्होंने देशों से ईरानी लोगों के खिलाफ सैन्य कार्रवाइयों में शामिल नहीं होने की अपील की।

ईरान का कहना है कि वह अपने ऊपर हो रहे हमलों का जवाब देने के लिए मजबूर है। वहीं अमेरिका और उसके सहयोगियों की ओर से ईरान की सैन्य गतिविधियों को लेकर लगातार कड़ा रुख अपनाया जा रहा है।

छह महीने से ज्यादा समय से जारी संघर्ष

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई 28 फरवरी को शुरू हुई थी। इसके बाद से दोनों पक्षों के बीच संघर्ष जारी है और इसे छह महीने से ज्यादा समय बीत चुका है।

इस दौरान अमेरिका की ओर से ईरान पर लगातार हमले किए जाने की खबरें सामने आई हैं, जबकि ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई का दावा किया है।

युद्धपोतों पर मिसाइल हमले के बाद बढ़ा तनाव

हाल के घटनाक्रम में अमेरिका ने ईरान से जुड़े तीन कच्चा तेल ले जाने वाले जहाजों को निशाना बनाया था। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई जब ईरान की ओर से अमेरिकी दो युद्धपोतों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने की बात सामने आई थी।

इन घटनाओं के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। अब फारस की खाड़ी और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी तीसरे देश की सैन्य गतिविधियों को लेकर ईरान की चेतावनी ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है।

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