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अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद भी बरकरार ईरान की ताकत, होर्मुज स्ट्रेट को लेकर नई खुफिया रिपोर्ट से बढ़ी चिंता

अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद भी बरकरार ईरान की ताकत, होर्मुज स्ट्रेट को लेकर नई खुफिया रिपोर्ट से बढ़ी चिंता

मध्य पूर्व में तनाव लगातार गहराता जा रहा है। अमेरिका और इजरायल के बड़े सैन्य हमलों के बावजूद Iran की सैन्य क्षमता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। नई अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान अब भी रणनीतिक रूप से मजबूत स्थिति में बना हुआ है और जरूरत पड़ने पर दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक होर्मुज स्ट्रेट पर बड़ा कदम उठा सकता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक हालिया हमलों में ईरान के कई सैन्य ठिकानों और हथियार प्रणालियों को नुकसान पहुंचा, लेकिन उसकी मिसाइल क्षमता, नौसैनिक ताकत और क्षेत्रीय नेटवर्क अब भी सक्रिय हैं। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि ईरान ने अपने कई अहम सैन्य संसाधनों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया था, जिसकी वजह से उसकी पूरी सैन्य ताकत खत्म नहीं हो सकी।

विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया की ऊर्जा सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यहां से दुनिया के बड़े हिस्से में कच्चे तेल और गैस की सप्लाई होती है। अगर इस क्षेत्र में तनाव बढ़ता है या ईरान किसी तरह की नाकेबंदी की कोशिश करता है, तो वैश्विक तेल बाजार में बड़ा संकट पैदा हो सकता है।

United States और Israel लंबे समय से ईरान के परमाणु और सैन्य कार्यक्रमों को लेकर चिंता जताते रहे हैं। हाल के महीनों में क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष और सैन्य कार्रवाई के बाद हालात और ज्यादा संवेदनशील हो गए हैं। हालांकि ईरान लगातार दावा करता रहा है कि वह अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए हर कदम उठाने में सक्षम है।

रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड और उसके सहयोगी समूह अब भी क्षेत्र में प्रभाव बनाए हुए हैं। यही वजह है कि पश्चिमी देशों की चिंताएं पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि ईरान सीधे बड़े युद्ध से बचने की कोशिश कर सकता है, लेकिन वह रणनीतिक दबाव बनाए रखने के लिए समुद्री और क्षेत्रीय ताकत का इस्तेमाल कर सकता है।

वैश्विक बाजार भी इस तनाव पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट में किसी तरह की रुकावट आती है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल सकता है। इसका असर दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ सकता है।

इस बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार तनाव कम करने की अपील कर रहा है। कई देशों ने बातचीत और कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया है ताकि मध्य पूर्व में बड़े संघर्ष को रोका जा सके।

फिलहाल नई अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट्स ने यह साफ संकेत दिया है कि ईरान अब भी पूरी तरह कमजोर नहीं पड़ा है। ऐसे में आने वाले दिनों में मध्य पूर्व की स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर बनी रहेगी।

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