ईरान ने अमेरिका को दिया बड़ा झटका, वीडियो में जाने हाईली एनरिच्ड यूरेनियम सौंपने से किया इनकार
ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर जारी तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। ईरान ने साफ शब्दों में कहा है कि वह अपना हाईली एनरिच्ड यूरेनियम भंडार अमेरिका को नहीं सौंपेगा। इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच चल रही संभावित परमाणु समझौता वार्ता पर नए सवाल खड़े हो गए हैं।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा शुरुआती समझौते में परमाणु मुद्दे को शामिल ही नहीं किया गया है। अधिकारी ने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम और यूरेनियम भंडार को लेकर विस्तृत बातचीत बाद में अंतिम समझौते के दौरान की जाएगी। फिलहाल ऐसा कोई निर्णय नहीं हुआ है कि ईरान अपना यूरेनियम भंडार देश से बाहर भेजेगा या किसी अन्य देश को सौंपेगा।
ईरानी अधिकारी के इस बयान ने उन अटकलों पर विराम लगा दिया है जिनमें दावा किया जा रहा था कि तेहरान अपना संवर्धित यूरेनियम छोड़ने के लिए तैयार हो गया है। हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय मीडिया में ऐसी कई रिपोर्ट्स सामने आई थीं, जिनमें कहा गया था कि अमेरिका के दबाव के बाद ईरान अपने यूरेनियम भंडार को लेकर नरम रुख अपना सकता है। हालांकि अब ईरान ने इन खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
इस पूरे घटनाक्रम से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी ईरान को लेकर सख्त बयान दिया था। ट्रम्प ने कहा था कि अमेरिका ईरान को हाईली एनरिच्ड यूरेनियम रखने की अनुमति नहीं देगा। उन्होंने कहा, “हम उसे हासिल करेंगे, इसे ईरान को नहीं रखने देंगे।” ट्रम्प के इस बयान को अमेरिका की कड़ी परमाणु नीति के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान का यह रुख आने वाले समय में अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ उसके संबंधों को और तनावपूर्ण बना सकता है। दरअसल, अमेरिका लंबे समय से यह आशंका जताता रहा है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम का इस्तेमाल परमाणु हथियार विकसित करने के लिए कर सकता है। वहीं ईरान लगातार यह दावा करता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) भी ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है। हालांकि पश्चिमी देशों को चिंता है कि ईरान के पास मौजूद हाईली एनरिच्ड यूरेनियम भविष्य में वैश्विक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
ईरान के ताजा बयान के बाद मध्य पूर्व की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच इस मुद्दे पर कूटनीतिक दबाव और बढ़ सकता है। फिलहाल दुनिया की नजर दोनों देशों के अगले कदम पर टिकी हुई है, क्योंकि यह मामला केवल दो देशों तक सीमित नहीं बल्कि वैश्विक सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से भी जुड़ा हुआ है।

