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Iran Oil Sanctions: अमेरिका ने चंडीगढ़ के कारोबारी दंपती समेत 4 भारतीयों पर लगाया प्रतिबंध, 9 कंपनियां भी निशाने पर

Iran Oil Sanctions: अमेरिका ने चंडीगढ़ के कारोबारी दंपती समेत 4 भारतीयों पर लगाया प्रतिबंध, 9 कंपनियां भी निशाने पर

अमेरिका ने ईरान के तेल कारोबार से जुड़े कथित नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चंडीगढ़ के एक कारोबारी दंपती समेत चार भारतीय नागरिकों और उनसे जुड़ी 9 कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। इन पर ईरान के प्रतिबंधित तेल को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने वाले जहाजों को फर्जी दस्तावेज और दूसरे देशों का झंडा उपलब्ध कराने का आरोप है।

अमेरिकी वित्त मंत्रालय के मुताबिक, चंडीगढ़ निवासी सुनील कुमार शर्मा और उनकी पत्नी जसप्रीत प्रीति शाहिद कथित तौर पर फर्जी वेबसाइटों और संस्थाओं के जरिए जहाजों का दूसरे देशों में पंजीकरण कराते थे। इस प्रक्रिया में गुयाना और मोजाम्बिक जैसे देशों के नाम का इस्तेमाल किया जाता था, ताकि जहाज अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर ईरानी तेल का परिवहन कर सकें।

फर्जी रजिस्ट्रेशन के जरिए जहाजों की पहचान छिपाने का आरोप

अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि कारोबारी दंपती ईरान के शैडो फ्लीट नेटवर्क को मदद पहुंचा रहे थे। इस नेटवर्क में ऐसे जहाज शामिल होते हैं, जो अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने के लिए अपनी पहचान, मालिकाना हक और पंजीकरण से जुड़ी जानकारी छिपाते हैं।

आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से इन जहाजों को दूसरे देशों का रजिस्ट्रेशन दिलाया जाता था, जिससे वे बिना आसानी से पकड़े गए ईरानी तेल की ढुलाई कर सकें।

अमेरिका में संपत्तियां फ्रीज, लेनदेन पर भी रोक

प्रतिबंधों के बाद अमेरिका के अधिकार क्षेत्र में आने वाली संबंधित संपत्तियों को फ्रीज कर दिया गया है। अमेरिकी नागरिकों और कंपनियों को प्रतिबंधित व्यक्तियों तथा संस्थाओं के साथ किसी भी तरह का कारोबार या वित्तीय लेनदेन करने से रोक दिया गया है।

इस कार्रवाई के तहत चार भारतीय नागरिकों और उनसे जुड़ी 9 कंपनियों को निशाना बनाया गया है। इसके अलावा ईरानी एयरलाइंस को कथित तौर पर सहायता देने के आरोप में तुर्किये की एक कंपनी पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं।

क्या होता है 'फ्लैग ऑफ कन्वीनिएंस'?

फ्लैग ऑफ कन्वीनिएंस (FOC) समुद्री कारोबार में इस्तेमाल होने वाली एक व्यवस्था है। इसमें जहाज का मालिक अपने देश के बजाय किसी दूसरे देश में जहाज का पंजीकरण कराता है।

इसके बाद जहाज उस देश का झंडा लगाकर समुद्र में चलता है और उस पर संबंधित देश के समुद्री नियम लागू होते हैं। सामान्य परिस्थितियों में यह एक कानूनी व्यवस्था है, लेकिन प्रतिबंधों से बचने के लिए फर्जी रजिस्ट्रेशन और दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जाए तो यह गैरकानूनी गतिविधियों का माध्यम बन सकता है।

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