ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद करने का दावा किया, वीडियो में देखें अमेरिका ने खारिज किया
इजराइल और अमेरिका के साथ ईरान के बीच जारी जंग का आज चौथा दिन है। इस बीच, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने दुनिया की तेल आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, को बंद कर दिया है। यह जलसंधि वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि दुनिया का तेल यहाँ से गुजरता है।
IRGC के एक अधिकारी ने ईरानी सरकारी टीवी पर कहा कि अगर कोई जहाज इस मार्ग से गुजरने की कोशिश करेगा, तो उसे रोका जाएगा और निशाना बनाया जा सकता है। उनका कहना था कि यह कदम ईरान की सुरक्षा और क्षेत्रीय हितों की रक्षा के लिए उठाया गया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का महत्व इसलिए भी है क्योंकि इसके माध्यम से विश्व की तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। विशेष रूप से भारत के लिए यह मार्ग अहम है, क्योंकि भारत का लगभग 50 प्रतिशत तेल इसी जलसंधि से आता है।
इस बयान के बाद वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ गई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता की लहर दौड़ गई। विश्लेषकों का कहना है कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद रहता है, तो तेल की कीमतों में तेजी से वृद्धि हो सकती है। इसका सीधा असर न केवल ईरान और अमेरिका पर, बल्कि पूरे मध्य पूर्व और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
हालांकि, अमेरिका ने इस दावे को खारिज किया है। फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिलहाल बंद नहीं है और यह मार्ग अभी भी अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खुला है। अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ईरानी बयानों के बावजूद समुद्री यातायात को बाधित नहीं किया गया है और अमेरिका क्षेत्र में जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि IRGC का यह बयान रणनीतिक दबाव बढ़ाने की कोशिश हो सकता है। ईरान इस माध्यम से अंतरराष्ट्रीय समुदाय और विशेष रूप से अमेरिका पर राजनीतिक और आर्थिक दबाव बनाने की रणनीति अपना रहा है। वहीं, तेल व्यापार और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए यह चिंता का विषय बन गया है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज लगभग 33 किलोमीटर चौड़ा है और इसे पार करना कई देशों की तेल आपूर्ति के लिए अनिवार्य है। इस जलसंधि से प्रतिदिन लाखों बैरल तेल गुज़रते हैं, और यहाँ किसी भी प्रकार की बाधा वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित कर सकती है। इतिहास में भी इस मार्ग को लेकर कई बार तनाव और संकट पैदा हो चुके हैं।
भारत के लिए भी यह स्थिति संवेदनशील है। देश की ऊर्जा सुरक्षा का आधा हिस्सा इसी मार्ग पर निर्भर करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद रहता है, तो भारत को अपने तेल आपूर्ति मार्गों और रणनीतिक भंडारों के विकल्प तलाशने पड़ सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। कई देशों और संगठनों ने ईरान से संयम बरतने और जलसंधि को अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए सुरक्षित रखने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि इस मार्ग पर किसी भी तरह की बाधा वैश्विक व्यापार और आर्थिक स्थिरता के लिए खतरनाक हो सकती है।
वर्तमान में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और बढ़ता दिखाई दे रहा है। IRGC के बयान और अमेरिकी खारिज करने के बाद, स्थिति को लेकर दुनिया भर में निगरानी बढ़ गई है। विशेषज्ञ और कूटनीतिज्ञ लगातार यह देखने की कोशिश कर रहे हैं कि आगे के दिनों में यह विवाद किस दिशा में जाएगा और वैश्विक तेल बाजार पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा।

