आक्रोश और हिंसा की अग्नि में जल रहा ईरान! बच्चों समेत अबतक 35 लोगों की मौत, 1200 से अधिक हिरासत में
मंगलवार को मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार, ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 35 हो गई है। अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी (HRANA) के अनुसार, एक हफ़्ते से ज़्यादा समय से चल रहे इन प्रदर्शनों में 1,200 से ज़्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि 29 प्रदर्शनकारी, चार बच्चे और ईरान के सुरक्षा बलों के दो सदस्य मारे गए। ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के करीबी माने जाने वाले अर्ध-सरकारी फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी ने सोमवार देर रात बताया कि विरोध प्रदर्शनों में लगभग 250 पुलिस अधिकारी और बासिज स्वयंसेवी मिलिशिया के 45 सदस्य घायल हुए हैं।
"दंगाइयों से सख्ती से निपटा जाना चाहिए"
इस बीच, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने देश में चल रहे विरोध प्रदर्शनों पर बात करते हुए कहा कि दंगाइयों से सख्ती से निपटा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "अधिकारियों को शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों से बात करनी चाहिए, लेकिन दंगाइयों से बात करने का कोई मतलब नहीं है। उन्हें उनकी जगह दिखानी होगी।" खामेनेई ने दावा किया कि इज़राइल और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसी विदेशी ताकतें ईरान में अशांति फैला रही हैं। उन्होंने ईरानी रियाल की गिरती कीमत के लिए भी दुश्मनों को दोषी ठहराया।
ट्रम्प की चेतावनी, ईरान की धमकी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को ईरान को चेतावनी दी कि अगर तेहरान ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा का इस्तेमाल किया तो अमेरिका उनकी रक्षा के लिए दखल देगा। यह अभी भी साफ नहीं है कि ट्रम्प कैसे दखल देंगे, लेकिन उनकी टिप्पणियों पर ईरान से कड़ी प्रतिक्रिया आई। ईरानी अधिकारियों ने मध्य पूर्व में अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने की धमकी दी।

