Samachar Nama
×

सिंधु जल पर बढ़ा भारत-पाक तनाव, वीडियो में जाने LoC पर पाकिस्तान ने बढ़ाई सैन्य गतिविधियां

सिंधु जल पर बढ़ा भारत-पाक तनाव, वीडियो में जाने LoC पर पाकिस्तान ने बढ़ाई सैन्य गतिविधियां

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद सिंधु नदी के जल प्रबंधन को लेकर दोनों देशों के रिश्तों में नई तल्खी देखने को मिल रही है। भारत की ओर से सिंधु जल से जुड़े कदमों के बाद पाकिस्तान में चिंता बढ़ गई है और इस मुद्दे को लेकर वहां की राजनीतिक एवं सैन्य नेतृत्व की ओर से लगातार बयान सामने आ रहे हैं।

ख्वाजा आसिफ के बयान से बढ़ी चर्चा

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हाल के दिनों में भारत के खिलाफ तीखे बयान दिए हैं। उन्होंने जल संकट और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चिंता जताते हुए कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। हालांकि, भारत की ओर से इस मामले में स्पष्ट किया गया है कि उसके सभी कदम राष्ट्रीय हितों और मौजूदा समझौतों के दायरे में उठाए जा रहे हैं।

LoC पर पाकिस्तान की सैन्य तैयारियां तेज

सूत्रों के अनुसार, नियंत्रण रेखा (LoC) के पास पाकिस्तान ने अपनी सैन्य गतिविधियां बढ़ा दी हैं। पाकिस्तानी सेना की 8 ब्रिगेडों के तहत करीब 35 एंटी-ड्रोन यूनिट तैनात किए जाने की जानकारी सामने आई है। इन यूनिट्स का उद्देश्य सीमा क्षेत्र में निगरानी बढ़ाना और ड्रोन गतिविधियों पर नजर रखना बताया जा रहा है।

AI फेंसिंग और सर्विलांस सिस्टम पर जोर

पाकिस्तान ने सीमा क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित फेंसिंग और निगरानी तंत्र को भी मजबूत किया है। इसके जरिए टारगेटिंग और सर्विलांस क्षमताओं को बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक तकनीकों के उपयोग से सीमा पर गतिविधियों की निगरानी पहले की तुलना में अधिक प्रभावी हो सकती है।

इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और काउंटर-ड्रोन ग्रिड तैयार

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान ने हाल के महीनों में इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और काउंटर-ड्रोन ग्रिड विकसित करने पर भी जोर दिया है। इन प्रणालियों का उद्देश्य ड्रोन आधारित खतरों की पहचान करना और उन्हें निष्क्रिय करना है। सीमा क्षेत्रों में इन तकनीकों की तैनाती को पाकिस्तान की रक्षा रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर बनी हुई है नजर

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच दोनों देशों की गतिविधियों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी नजर बनाए हुए है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा पर सैन्य तैयारियों और कड़े बयानों के बावजूद किसी भी स्थिति से निपटने के लिए कूटनीतिक संवाद और संयम बेहद महत्वपूर्ण रहेगा।

Share this story

Tags